
ऋषिकेश: देवभूमि लोक संस्कृति विरासत शोभायात्रा समिति ने अर्द्धकुंभ 2027 में उत्तराखंड की देव डोलियों के शाही स्नान के आयोजन को लेकर गंभीर मंथन शुरू कर दिया है। समिति का कहना है कि इस विषय पर जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड की लोकसंस्कृति में देव डोलियों का विशेष महत्व रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों के अधिकांश मठ–मंदिरों में देव डोलियों के माध्यम से धार्मिक परंपरा को जीवंत रखा जाता है। अर्द्धकुंभ में इन डोलियों की भागीदारी से राज्य की पहचान और मजबूत हो सकती है।
अधिकारिक जानकारी
शनिवार को ढालवाला स्थित समिति मुख्यालय में बैठक आयोजित हुई। समिति के प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने बताया कि संस्था आगामी अर्द्धकुंभ में देव डोलियों के स्नान का भव्य आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सरकार से सहयोग की अपेक्षा रखती है।
उन्होंने कहा कि—
- समिति ग्राम, ब्लॉक और जिला स्तर पर सदस्यता अभियान चलाएगी।
- युवाओं और महिलाओं को अधिक संख्या में शामिल कर संस्था का विस्तार किया जाएगा।
- सभी जिलों के मठ-मंदिरों के पुजारियों और पशुवाओं से संपर्क कर देव डोलियों को स्नान हेतु आमंत्रित किया जाएगा।
रांगड़ ने बताया कि समिति की कोर कमेटी जल्द ही मुख्यमंत्री धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से मुलाकात कर अर्द्धकुंभ 2027 में देव डोलियों के शाही स्नान का प्रस्ताव आगे बढ़ाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय सदस्यों का कहना है कि यदि सरकार पूर्ण सहयोग दे, तो देव डोलियों का शाही स्नान अर्द्धकुंभ की भव्यता में नई पहचान जोड़ेगा।
एक सदस्य ने कहा, “यह आयोजन देव संस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान दिला सकता है।”
आगे क्या होगा
समिति का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में मठ–मंदिरों तक पहुंचकर देवडोलियों की सूची तैयार की जाए। सरकार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने पर आयोजन की रूपरेखा विस्तृत रूप से तैयार की जाएगी।






