
हरिद्वार: 2027 अर्द्धकुंभ मेले से पहले हरिद्वार में सीसीआर टॉवर के विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है। रोड़ीबेलवाला मैदान में पुराने टॉवर के समीप एक नई चार मंजिला इमारत बनाई जाएगी, जिसकी छत पर आधुनिक हेलीपैड होगा — यह उत्तराखंड की पहली सरकारी इमारत होगी जो हेलीकॉप्टर की लैंडिंग और टेक-ऑफ दोनों की सुविधा से लैस होगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अर्द्धकुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार में इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में सुरक्षा, प्रबंधन, संचार और आपदा प्रतिक्रिया को आधुनिक स्वरूप देने के लिए सीसीआर टॉवर का विस्तार लंबे समय से प्रस्तावित था। हाई पावर कमेटी द्वारा मंजूरी मिलने के बाद यह परियोजना अब जमीन पर उतरने की दिशा में बढ़ गई है।
नई सीसीआर बिल्डिंग और हेलीपैड का स्वरूप
रोड़ीबेलवाला मैदान में सीसीआर टॉवर के पास बनने वाली नई बिल्डिंग चार मंजिल की होगी।
यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, जिसमें—
- मेला प्रबंधन
- सुरक्षा नियंत्रण इकाइयाँ
- तकनीकी और संचार (Communication) सेंटर
को एक ही परिसर में शिफ्ट किया जाएगा।
सबसे खास बात यह है कि इमारत की छत पर अत्याधुनिक हेलीपैड बनाया जाएगा, जिससे हेलीकॉप्टर सीधे सीसीआर टॉवर की छत पर लैंड और टेक-ऑफ कर सकेंगे। इससे शहर और मेलाक्षेत्र की सड़कों पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
आपातकालीन सेवाओं में मदद
हेलीपैड की स्थापना केवल वीआईपी मूवमेंट के लिए ही नहीं, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी और आपदा प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
किसी भी बड़ी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा में—
- मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट कर
- देहरादून या बड़े मेडिकल केंद्रों में भेजा जा सकेगा।
अपर कुंभ मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने बताया कि टेक्निकल डिज़ाइन, सुरक्षा प्रबंधन और हेलीपैड तक पहुंच मार्गों का विस्तृत आकलन किया गया है। यूकाडा की टीम ने बुधवार को हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वे कर संभावनाओं का अध्ययन किया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि हरिद्वार जैसे धार्मिक पर्यटन केंद्र में आधुनिक हेलीपैड की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। बार-बार लगने वाले जाम, आपदा के समय धीमी प्रतिक्रिया और वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा चुनौतियाँ देखते हुए यह परियोजना बड़ी राहत साबित हो सकती है।
लोगों का कहना है कि— “अर्द्धकुंभ से पहले ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार होना शहर के लिए बहुत सकारात्मक कदम है।”
परियोजना का महत्व
अब तक हरिद्वार में कोई भी स्थायी सरकारी हेलीपैड नहीं था।
- गुरुकुल
- भेल हेलीपैड
- भल्ला कॉलेज (जहाँ अब स्टेडियम बन गया है)
इन स्थानों पर ही वीआईपी हेलीकॉप्टर लैंड करते रहे हैं। ऐसे में अर्द्धकुंभ जैसे बड़े आयोजन से पहले नया हेलीपैड प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या?
अगले चरण में बिल्डिंग के विस्तृत डिजाइन, भू-तकनीकी परीक्षण और निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। परियोजना को अर्द्धकुंभ 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। प्रशासन की कोशिश है कि मेले से पहले यह सुविधा पूरी तरह सुचारु हो जाए।






