
चमोली जिले के पोखरी विकासखंड में भालुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सरणाचांई, चरपाणी और सड़ामंगरा सहित कई गांवों में तीन भालुओं का दल घूमने से ग्रामीण दहशत में हैं, जबकि वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ महीनों से चमोली के कई पहाड़ी गांवों में भालुओं की सक्रियता बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। खेतों में रात के समय आवाजाही और घरों के पास दिखने की घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार स्थिति ऐसी बन गई है कि शाम होते ही बाहर निकलना जोखिम भरा हो चुका है।
कई गांवों में दिखी तीन भालुओं की टोली
सरणा गांव के ग्राम प्रधान केसर सिंह ने बताया कि सरणाचांई से चरपाणी तक तीन भालुओं की टोली घूमती देखी गई है।
भालुओं को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाया, जिसके बाद भालू पेड़ों पर चढ़कर छिपने की कोशिश करते नजर आए। कुछ भालू कैमरे में भी कैद हुए।
सड़ामंगरा के सामाजिक कार्यकर्ता रणबीर नेगी और बीणा गांव के कपिल बर्त्वाल ने कहा कि हालात गंभीर बने हुए हैं और भालुओं की सक्रियता दिन-ब-दिन बढ़ रही है।
ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था
ग्रामीणों ने बताया कि—
- वे कनस्तर, थालियां और आतिशबाजी का उपयोग कर भालुओं को भगाने की कोशिश कर रहे हैं
- शाम के समय सामूहिक रूप से खेतों और घरों के आसपास निगरानी रखी जा रही है
- कई लोग देर रात तक जागकर अपनी और अपने पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं
सिमलासू के ग्राम प्रधान उत्तम सिंह ने बताया कि गांव के पास जंगल में भालू अपने दो बच्चों के साथ घूमते हुए दिखा। ग्रामीण शोर मचाकर उसे भगाने में सफल हुए।
वन विभाग की कार्रवाई
वन विभाग के फॉरेस्टर वीरेंद्र सिंह और मोहन सिंह ने बताया कि—
- वे गांवों में लगातार गश्त कर रहे हैं
- लाउडस्पीकर और वाहन हूटर से ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है
- सूचना मिलते ही टीमें मौके पर पहुँच रही हैं
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल भालू को मारने या पकड़ने की अनुमति नहीं है, इसलिए लोगों को जागरूक कर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भालू अक्सर भोजन की तलाश में मानव बस्तियों के करीब आ जाते हैं।
एक ग्रामीण ने कहा, “बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर सबसे ज्यादा डर लगा रहता है। जंगल में भी काम करने में जोखिम बढ़ गया है।”
आगे क्या
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि अकेले जंगल की ओर न जाएं और किसी भी भालू दिखने की घटना की तुरंत सूचना विभाग को दें। विभाग जल्द संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त गश्त बढ़ाने की तैयारी में है।





