
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण विकास विभाग और उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW) के संयुक्त प्रयास से एक नया पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल पर वे सभी मनरेगा और निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिक, जिन्होंने 90 दिन का रोजगार पूरा कर लिया है, अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें श्रम विभाग की तमाम सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अब तक मनरेगा श्रमिकों को श्रम विभाग की योजनाओं से लाभ पाने के लिए अलग से पंजीकरण कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जिला स्तर पर जाना पड़ता था और प्रक्रिया समय लेने वाली थी। नए पोर्टल के लॉन्च होने के बाद यह बाधा दूर हो गई है और मनरेगा श्रमिक भी अब सीधे सोशल सिक्योरिटी नेट से जुड़ सकेंगे।
आधिकारिक जानकारी
आयुक्त ग्रामीण विकास अनुराधा पाल ने बताया कि श्रम विभाग के माध्यम से रजिस्टर्ड श्रमिकों को बीमा, प्रसूति सहायता, घर बनाने के लिए आर्थिक मदद, बच्चों की शादी में सहायता सहित कई सुविधाएं दी जाती हैं। लेकिन मनरेगा में काम करने वाले श्रमिक इन सुविधाओं से वंचित रह जाते थे।
उन्होंने बताया कि नए पोर्टल पर मनरेगा श्रमिकों को रजिस्टर करने की जिम्मेदारी ब्लॉक विकास अधिकारियों को दी गई है और उनकी ट्रेनिंग भी पूरी कराई जा चुकी है। अब किसी श्रमिक को जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।
मनरेगा श्रमिक कैसे पाएंगे लाभ
एक बार श्रमिक पोर्टल पर रजिस्टर्ड हो जाते हैं, तो मनरेगा में 90 दिन काम करने या किसी भी सरकारी निर्माण कार्य में 90 दिन की सेवा पूरी करने पर वे सोशल सिक्योरिटी योजनाओं के पात्र बन जाएंगे।
श्रमिकों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और केवल चार बेसिक दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। विभाग जल्द ही गांवों और ब्लॉकों में कैंप लगाकर अधिक से अधिक श्रमिकों को जोड़ने की योजना बना रहा है।
उत्तराखंड में 9.5 लाख सक्रिय श्रमिक रजिस्टर्ड
अनुराधा पाल ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत वर्तमान में लगभग 9.5 लाख सक्रिय श्रमिक रजिस्टर्ड हैं, जो अब तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से दूर थे। नए पोर्टल से उन्हें पहली बार श्रम विभाग की योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीण क्षेत्रों में इस घोषणा का स्वागत किया जा रहा है। श्रमिकों ने कहा कि अब ब्लॉक स्तर पर रजिस्ट्रेशन होने से समय और यात्रा का खर्च बचेगा। वहीं कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने इसे श्रमिक हित में बड़ी उपलब्धि बताया है।
अगला कदम / आगे क्या
श्रम विभाग और ग्राम्य विकास विभाग ने संयुक्त रूप से पोर्टल को लॉन्च कर दिया है। अब ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लागू करेंगे। विभाग की योजना है कि अगले कुछ महीनों में सभी पात्र श्रमिकों को सोशल सिक्योरिटी नेटवर्क से जोड़ दिया जाए।





