
देहरादून: देहरादून एसएसपी की रणनीति और लगातार निगरानी के चलते डोईवाला पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शातिर नशा तस्कर जकरूद्दीन को बरेली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी 259 ग्राम स्मैक बरामदगी मामले में डेढ़ साल से फरार था और लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसे झुमका चौक, बरेली से पकड़ा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड में “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” के लक्ष्य को लेकर पुलिस द्वारा बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। देहरादून जिले में स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की सप्लाई को रोकने के लिए निरंतर चैकिंग और नेटवर्क की पहचान की जा रही है। इसी अभियान के तहत पिछले वर्ष डोईवाला में एक महिला तस्कर की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ था।
आधिकारिक जानकारी
18 मई 2024 को डोईवाला पुलिस ने कुडकावाला बस्ती के पास चैकिंग के दौरान ताहिरा खातून उर्फ छोटी को 259 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया कि स्मैक उसे जकरूद्दीन, निवासी मजनूपुर कामुवा, जिला बरेली (उ.प्र.) से मिली थी। इसी आधार पर आरोपी को धारा 29 एनडीपीएस एक्ट में नामजद किया गया था।
महिला तस्कर की गिरफ्तारी के बाद से ही जकरूद्दीन फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और उसे झुमका चौक, बरेली से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जकरूद्दीन इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था और लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था।
स्थानीय प्रतिक्रिया
डोईवाला क्षेत्र के लोगों ने इस कार्रवाई को सराहनीय बताया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने से चिंताएं बढ़ गई थीं। पुलिस की इस कार्रवाई से तस्करों में डर पैदा होगा और अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा।
कुछ व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से फरार आरोपी का पकड़ा जाना इस बात का संकेत है कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
अगला कदम / आगे क्या
पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क और संपर्कों का विश्लेषण कर रही है। उसके मोबाइल, लेन-देन और पिछले ठिकानों की जांच की जाएगी, जिससे सप्लाई चैन में शामिल अन्य लोगों की पहचान हो सके। एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।





