
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित 5वीं अंतरविभागीय समीक्षा बैठक में सरकारी परिसम्पत्तियों से अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि जिले की किसी भी सरकारी भूमि, भवन, मार्ग, नहर या अन्य परिसम्पत्ति पर अतिक्रमण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई हर हाल में पूरी होनी चाहिए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून जिले में सरकारी परिसम्पत्तियों पर बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए प्रशासन कार्रवाई तेज कर चुका है। कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं संरक्षित भूमि पर कब्जों के कारण प्रभावित हो रही थीं। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने अंतरविभागीय समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें नगर निकायों से लेकर राजस्व, लोनिवि, सिंचाई और पुलिस विभागों तक की प्रगति पर चर्चा की गई।
आधिकारिक जानकारी
बैठक में कई विभागों द्वारा सिर्फ नोटिस भेजने या पत्राचार का हवाला दिए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। हरबर्टपुर पालिका के ईओ द्वारा “चिठ्ठी भेजने” की दलील पर डीएम ने तीखा रुख अपनाते हुए दो दिन की अंतिम चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जमीनी कार्रवाई के बिना कोई बहाना स्वीकार नहीं होगा और समयसीमा में कार्रवाई न होने पर निलंबन तक की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
डीएम ने कहा कि जिन परिसम्पत्तियों पर अतिक्रमण नहीं है, संबंधित विभाग तत्काल प्रमाण पत्र सौंपें और गूगल शीट में डेटा अपडेट करें। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण न केवल सरकारी योजनाओं को बाधित करता है, बल्कि कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने सभी विभागों को दो दिन के भीतर परिसम्पत्तियों के विवरण, वर्तमान स्थिति, साइट मैपिंग, वीडियोग्राफी, राजस्व अभिलेखों के मिलान और पुलिस बल की उपलब्धता संबंधी जानकारी जमा करने को कहा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून के कई स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस सख्त नीति का स्वागत किया। व्यापारियों का कहना है कि कई क्षेत्रों में मुख्य मार्गों और नहर पट्टियों पर अतिक्रमण से यातायात और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। कुछ निवासियों ने कहा कि यदि समयबद्ध कठोर कार्रवाई हुई, तो शहर में सार्वजनिक स्थानों की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।
विभागवार प्रगति
बैठक में प्रस्तुत अद्यतन के अनुसार, नगर निगम देहरादून ने 203 में से 194 अतिक्रमण हटाए। सिंचाई विभाग ने 315 में से 221 परिसम्पत्तियों को अतिक्रमण-मुक्त किया। लोनिवि के प्रांतीय खंड ने 125 में से 87 और ऋषिकेश खंड ने 274 में से 79 अतिक्रमण हटाए।
नगर निकायों में मसूरी ने 99 में से 9 अतिक्रमण हटाए, डोईवाला ने 3 में से 1 प्रकरण में कार्रवाई की, जबकि हरबर्टपुर में कार्रवाई लंबित रहने पर डीएम ने अंतिम चेतावनी दी। राजस्व विभाग में तहसील सदर, विकासनगर, डोईवाला और ऋषिकेश सहित कई क्षेत्रों में आंशिक कार्रवाई की गई है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, एडीएम के.के. मिश्रा, नगर आयुक्त ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप नगर आयुक्त देहरादून संतोष पांडेय, एसडीएम सदर हरिगिरि, एसडीएम मुख्यालय अपूर्वा सिंह सहित राजस्व, सिंचाई, लोनिवि और वन विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
अगला कदम / आगे क्या
डीएम ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किसी भी स्तर पर लंबित नहीं रहनी चाहिए। दो दिनों में प्रस्तुत की जाने वाली विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि अब अतिक्रमण पर “जीरो टॉलरेंस” नीति सख्ती से लागू की जाएगी।





