
अठूरवाला / जौलीग्रांट: जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तारीकरण के विरोध में अठूरवाला संघर्ष समिति का धरना 14वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से सर्किल रेट के अनुसार उचित मुआवज़ा देने की मांग दोहराते हुए कम दर पर भूमि अधिग्रहण को भविष्य के साथ समझौता बताया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर पिछले कई महीनों से ग्रामीणों में असंतोष बना हुआ है। भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर मुआवज़े की दर को लेकर विवाद जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि जो दरें तय की गई हैं, वे जमीन के वास्तविक मूल्य और उनकी आजीविका से मेल नहीं खातीं।
अधिकारिक जानकारी
रविवार को अठूरवाला स्थित धरना स्थल पर ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि लोग विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन मुआवज़े में किसी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले का जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि ग्रामीणों की चिंताएँ कम हो सकें।
अठूरवाला संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनजीत सजवान ने कहा कि कम दर पर भूमि अधिग्रहण ग्रामीणों के भविष्य के साथ समझौता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति अपने हक की लड़ाई शांतिपूर्वक लेकिन मजबूती से जारी रखेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी जमीन आजीविका का मुख्य आधार है, इसलिए सही मुआवज़ा न मिलना आर्थिक नुकसान के साथ सामाजिक असुरक्षा भी पैदा कर सकता है।
धरना स्थल पर मौजूद एक ग्रामीण ने बताया कि “हमारी मांगें न्यायसंगत हैं, और सरकार को हमारी आवाज़ गंभीरता से सुननी चाहिए।”
धरना स्थल का माहौल
धरना प्रदर्शन में बादल सिंह सजवान, खेम सिंह सजवान, आशा देवी, विमला देवी, सुशीला देवी, कमला देवी, विमला देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। समिति ने एकजुट होकर बताया कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक प्रशासन पारदर्शिता और उचित सर्किल रेट के आधार पर मुआवज़े का निर्णय नहीं लेता।
आगे क्या
ग्रामीण उम्मीद कर रहे हैं कि आगामी दिनों में प्रशासन वार्ता शुरू करेगा। संघर्ष समिति ने यह भी संकेत दिया कि यदि समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।







