
डोईवाला: डोईवाला और आसपास के आबादी क्षेत्रों में हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही से स्थानीय लोग सुबह-शाम टहलने और रात में घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने गश्त बढ़ाने के साथ लोगों को सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोईवाला और लच्छीवाला क्षेत्र वन्यजीवों की सक्रियता वाले इलाकों में शामिल हैं। सर्दियों के मौसम में हाथियों का मूवमेंट अक्सर बढ़ जाता है, जो कई बार आबादी क्षेत्रों तक पहुंच जाता है। पहले भी इन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाएँ और नुकसान की घटनाएँ सामने आती रही हैं।
अधिकारिक जानकारी
लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने बताया कि हाथियों के बढ़ते मूवमेंट को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि सुबह टहलने के दौरान कुत्तों को साथ न ले जाएं, क्योंकि भौंकने से हाथी उत्तेजित हो सकता है। उन्होंने लोगों को बिना वजह अकेले घर से बाहर न निकलने और हाथी दिखने पर शांत रहने की सलाह दी।
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि चीखने, चिल्लाने और हलचल से हाथी आक्रामक हो सकता है, इसलिए सुरक्षित दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
यदि कोई वाहन में हो तो अंदर ही रहे, और पैदल होने पर धीरे-धीरे पीछे हटने की सलाह दी गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों की आवाजाही पिछले कुछ दिनों में काफी बढ़ गई है, जिससे सुबह-शाम टहलना जोखिम भरा हो गया है।
एक निवासी ने बताया कि “कुछ ही दूरी पर हाथी दिखने की घटनाएँ बढ़ी हैं, इसलिए लोग सतर्क होकर बाहर निकल रहे हैं।”
विशेष सावधानियाँ और सलाह
वन विभाग ने लोगों को हाथियों के पास जाकर सेल्फी लेने, खाना फेंकने या शोर मचाकर जानवर का ध्यान भटकाने से सख्त मना किया है।
हाथी की आंखों में सीधे देखने से भी बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि यह उसे आक्रामक बना सकता है। किसी भी दर्शनीय घटना पर रोमांच के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
आगे क्या
हाथियों की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त तेज कर दी है। हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने या वन्यजीव हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की गई है।







