
ऋषिकेश: स्वर्गाश्रम स्थित प्रतिबंधित गंगा घाट पर नहाते समय चाचा-भतीजा गंगा के तेज प्रवाह में बहने लगे। राफ्टिंग गाइड ने चाचा को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि 18 वर्षीय भतीजा पिंटू शर्मा तेज धारा में बहकर लापता हो गया। पुलिस और एसडीआरएफ ने तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चल सका।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
स्वर्गाश्रम और आसपास के गंगा किनारे कई स्थानों पर प्रशासन द्वारा स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया है। तेज धारा, असमान सतह और पानी की गहराई के कारण यहां दुर्घटनाओं की आशंका रहती है। इसके बावजूद कई पर्यटक और स्थानीय लोग चेतावनी बोर्ड को नजरअंदाज कर इन घाटों पर नहाने पहुंच जाते हैं।
अधिकारिक जानकारी
लक्ष्मणझूला पुलिस के अनुसार 24 वर्षीय पिंटू शर्मा निवासी सेक्टर-115, नोएडा अपने 18 वर्षीय चाचा अभिषेक शर्मा के साथ रविवार दोपहर स्वर्गाश्रम आया था। करीब तीन बजे वे डीएम कैंप कार्यालय के पास गोवा बीच घाट पर नहाने लगे, जहां तेज पानी के बहाव में दोनों बहने लगे।
गंगा में राफ्टिंग कराते समय गाइड ने उन्हें बहते हुए देखा और तुरंत राफ्ट को उनकी ओर मोड़ा। गाइड अभिषेक को बचाने में सफल रहा, लेकिन पिंटू तेज प्रवाह की चपेट में आकर उनकी नजरों से ओझल हो गया।
अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और तलाशी अभियान शुरू किया गया। कुछ अधिकारी विस्तृत टिप्पणी करने से बचते दिखे, लेकिन पुष्टि की कि सोमवार को भी तलाशी जारी रहेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोवा बीच जैसे प्रतिबंधित स्थानों पर कई लोग चेतावनी के बावजूद नहाने पहुंच जाते हैं, जिससे हादसों की पुनरावृत्ति होती रहती है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि “पानी का बहाव बहुत तेज था। गाइड ने पूरी कोशिश की, लेकिन युवक को बचाना मुश्किल हो गया।”
राहत व बचाव कार्य
एसडीआरएफ की टीम ने शाम तक गंगा में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। टीम ने नदी के कई हिस्सों, किनारों और संभावित बहाव मार्गों की जांच की। पुलिस ने बताया कि सर्च ऑपरेशन अगले दिन भी जारी रहेगा।
- लापता युवक: पिंटू शर्मा, उम्र 18 वर्ष, निवासी नोएडा
- बचाया गया: अभिषेक शर्मा (चाचा)
- घटना समय: रविवार, लगभग 3 बजे
- स्थान: गोवा बीच घाट, स्वर्गाश्रम
- टीमें: एसडीआरएफ + लक्ष्मणझूला पुलिस
अब आगे क्या?
सोमवार सुबह से फिर गंगा में तलाशी अभियान चलाया जाएगा। पुलिस ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से प्रतिबंधित घाटों पर न जाने की अपील की है। प्रशासन ने चेतावनी बोर्डों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।






