
मसूरी: माल रोड पर पर्यटक वाहनों की लंबी कतारों से राहत मिलने वाली है। नगर पालिका परिषद ने बैरियर को अत्याधुनिक बनाने के लिए फास्टैग आधारित एंट्री सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इस सुविधा के अगले दो महीनों में शुरू होने की संभावना है, जिससे जाम की समस्या में काफी कमी आएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मसूरी देश-विदेश के पर्यटकों का पसंदीदा हिल स्टेशन है, जहां पर्यटन सीजन के दौरान माल रोड पर अत्यधिक भीड़ और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। वर्तमान में माल रोड बैरियर पर नकद भुगतान के कारण वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। इस समस्या को कम करने के लिए नगर पालिका ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है।
अधिकारिक जानकारी
नगर पालिका बोर्ड बैठक में माल रोड बैरियर को पूरी तरह हाई-टेक बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके तहत नए बूम बैरियर, फास्टैग स्कैनर, हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे और स्वचालित भुगतान प्रणाली लगाई जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि फास्टैग से टोल स्वतः कट जाएगा, जिससे एंट्री की प्रक्रिया 50–60% तक तेज हो जाएगी और जाम की स्थिति में कमी आएगी। कई अधिकारी इस पर औपचारिक टिप्पणी करने से बचते दिखे, लेकिन बताया कि ट्रैफिक प्रबंधन के लिए यह सिस्टम महत्वपूर्ण कदम है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जाम की वजह से पर्यटकों का अनुभव प्रभावित होता है और व्यापार पर भी असर पड़ता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई बार टिकट काउंटर पर भीड़ बढ़ने से अराजकता की स्थिति बन जाती है, इसलिए फास्टैग सिस्टम अत्यावश्यक था।
तकनीकी अपग्रेड और सुविधाएँ
नए सिस्टम में यह सुविधाएँ शामिल होंगी:
- स्वचालित बूम बैरियर
- फास्टैग स्कैनर
- हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी
- कैशलेस और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था
इसके साथ ही कोल्हूखेत स्थित ईको बैरियर पर भी फास्टैग लगाने की तैयारी चल रही है, ताकि शहर के दोनों ओर से प्रवेश करने वाले वाहनों को व्यवस्थित किया जा सके।
नगर पालिका अध्यक्ष का बयान
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि फास्टैग आधारित प्रवेश प्रणाली मसूरी को स्मार्ट और ट्रैफिक-फ्रेंडली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि गर्मियों के पर्यटन सीजन से पहले यह सुविधा पूर्ण रूप से लागू करने का लक्ष्य है। जल्द ही सिस्टम का ट्रायल रन भी शुरू किया जाएगा।
अब आगे क्या?
नगर पालिका जल्द ही उपकरणों की स्थापना और सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन पूरा करेगी। ट्रायल के बाद इसे नियमित रूप से लागू किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि फास्टैग सिस्टम के बाद माल रोड पर ट्रैफिक प्रबंधन काफी बेहतर होगा और जाम जैसी स्थिति से पर्यटकों को राहत मिलेगी।





