
पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र धारचूला के जयकोट गांव में शुक्रवार दोपहर तीन भालुओं ने एक ग्रामीण पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। युवक की हालत बिगड़ने पर उसे हेली रेस्क्यू कर हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) पहुंचाया गया, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ महीनों से पिथौरागढ़ के कई इलाकों में वन्यजीवों—विशेषकर भालू और गुलदार—की सक्रियता बढ़ने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में बढ़ते हमलों से लोगों में भय का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जयकोट और आसपास के क्षेत्रों में भालू आए दिन आबादी के करीब पहुंच रहे हैं।
घटना का विवरण
जयकोट निवासी नरेंद्र सिंह (35), पुत्र धनपति, शुक्रवार दोपहर किसी काम से पैदल ही रूंग गांव जा रहे थे। लंकारी तोक के पास अचानक तीन भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। नरेंद्र के चीखने पर पास में सड़क निर्माण कार्य कर रहे मजदूर मौके पर पहुंचे और किसी तरह भालुओं को खदेड़ा। मजदूरों ने घायल को तुरंत रूंग अस्पताल पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद नरेंद्र को धारचूला ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों ने हेली रेस्क्यू की मांग की। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि अनुरोध पर तुरंत हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई और घायल को हल्द्वानी एसटीएच भेजा गया।
वन्यजीवों का बढ़ता खतरा
धारचूला और आसपास के क्षेत्रों में एक पखवाड़े में भालू तीन लोगों को घायल कर चुके हैं। सात दिन पहले 14 नवंबर को घास काटने गई नारु देवी और मीना देवी पर भी भालू ने हमला किया था। नीरु देवी किसी तरह छिपकर जान बचाने में सफल हुईं, जबकि मीना देवी घायल हुई थीं।
गुलदार के हमलों की घटनाएँ भी बढ़ी हैं। पौड़ी रेंज में एक महिला को गुलदार ने घायल कर दिया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि भालू और गुलदार आबादी की ओर लगातार आ रहे हैं, जिससे खेतों में काम करना और घर से बाहर निकलना भी जोखिमभरा हो गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने बताया कि वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि से लोग भयभीत हैं और शाम के बाद बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता उमेश पाठक ने बताया कि भट्टी गांव में भालू अपने बच्चों के साथ सुबह-शाम प्राथमिक विद्यालय वाले रास्ते से गुजरता दिखाई दे रहा है, जिससे बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।
वन विभाग की कार्रवाई
“ग्रामीणों से घटना की सूचना मिली है। टीम को घटनास्थल भेज दिया गया है। पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।” — बालम सिंह अल्मिया, वन क्षेत्राधिकारी, धारचूला
बेरीनाग की वन क्षेत्राधिकारी चन्दा मेहरा ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आगे क्या होगा
वन विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए अतिरिक्त उपाय किए जा सकते हैं। भालू और गुलदार की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए विभाग सुरक्षा गश्त और जागरूकता कार्यक्रमों पर भी जोर दे सकता है।





