
देहरादून। ओएनजीसी चौक पर 11 नवंबर 2023 की रात हुए भीषण सड़क हादसे के मामले में पुलिस ने एक साल आठ दिन बाद गुरुवार को अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। इस चार्जशीट में कंटेनर चालक रामकुमार, वाहन मालिक नरेश गौतम और किराये पर संचालन करने वाले अभिषेक चौधरी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामले में कुल 60 गवाहों को शामिल किया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कैंट थाना क्षेत्र स्थित ओएनजीसी चौक पर 11 नवंबर की रात करीब 1:15 बजे तेज रफ्तार कार सामने जा रहे कंटेनर से जा टकराई थी। यह हादसा देहरादून के हालिया वर्षों के सबसे दर्दनाक हादसों में से एक बन गया, जिसमें छह युवाओं की मौत हो गई थी और एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था।
घटना के बाद कई दिनों तक सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध न होने से जांच बाधित हुई। बाद में पुलिस ने कार की आवाजाही का पूरा रूट डीकोड किया।
आधिकारिक जानकारी
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने गुरुवार को अदालत में विस्तृत चार्जशीट जमा की। इसमें तीन लोगों—
- रामकुमार (कंटेनर चालक)
- नरेश गौतम (वाहन मालिक)
- अभिषेक चौधरी (किराये पर संचालन करने वाला)
को आरोपी बनाया गया है।
चार्जशीट में 60 गवाह शामिल किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि घायल युवक सिद्धेश अग्रवाल के बयान अभी तक दर्ज नहीं किए जा सके हैं।
दुर्घटना का पूरा घटनाक्रम
- हादसे में गुनीत, कुणाल कुकरेजा, ऋषभ जैन, नव्या गोयल, अतुल अग्रवाल और कामाक्षी की मौत हुई थी।
- सिद्धेश अग्रवाल गंभीर रूप से घायल हुए थे।
- उस समय कार राजपुर क्षेत्र की ओर से आ रही थी।
- जांच में बाद में पता चला कि कार राजपुर रोड → घंटाघर → जीएमएस रोड → कांवली रोड (पुलिस चौकी के पास U-turn) → जीएमएस रोड → ओएनजीसी चौक के रूट से होते हुए घटनास्थल तक पहुंची।
- घटना के समय ओएनजीसी चौक के सीसीटीवी कैमरे बंद थे, जिससे शुरुआती जांच प्रभावित हुई।
पुलिस ने सिद्धेश के पिता की तहरीर पर चालक रामकुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोपी को घटना के लगभग 13 दिन बाद गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि वह कंटेनर की नंबर प्लेट साथ लेकर फरार हो गया था।
मामले में BNS-125(बी) — दूसरे की जान को खतरे में डालना सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह हादसा शहर की सड़क सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। कई निवासियों का कहना है कि हादसे वाली रात कैमरों का बंद होना और कंटेनर की मनमानी गति दोनों ही प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाते हैं।
आगे क्या
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत में सुनवाई शुरू होगी। पुलिस घटनास्थल के डिजिटल सबूतों और गवाहों के आधार पर मामले को मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है। घायल सिद्धेश के बयान दर्ज होने के बाद चार्जशीट में पूरक जानकारी भी जोड़ी जा सकती है।





