
ऋषिकेश एआरटीओ कार्यालय में वाहनों की मैन्युअल फिटनेस प्रक्रिया बंद होने और ऑटोमेटेड वाहन फिटनेस सेंटर (AVFC) का संचालन शुरू न होने से ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
एक अगस्त से ऋषिकेश एआरटीओ कार्यालय में वाहनों की मैन्युअल फिटनेस प्रक्रिया बंद है। इसके चलते वाहन स्वामियों को फिटनेस कराने के लिए लालतप्पड़ स्थित केंद्र तक जाना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
ट्रांसपोर्टरों की मांगें
ट्रांसपोर्ट यूनियन का कहना है कि एवीएफसी में आवश्यक मशीनें लगने में देरी हो रही है और केंद्र अभी तक पूर्णत: संचालित नहीं हो पाया है।
ट्रांसपोर्टरों ने मांग की कि:
- ऋषिकेश एआरटीओ में मैन्युअल फिटनेस प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए
- ऑटोमेटेड वाहन फिटनेस सेंटर की मशीनें जल्द स्थापित कर संचालन शुरू किया जाए
अधिकारिक जानकारी
ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र नेगी ने बताया कि ज्ञापन में सांसद को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया।
उन्होंने कहा कि मैन्युअल फिटनेस बंद होने से परिवहन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और वाहन स्वामियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सांसद अनिल बलूनी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह इस मामले पर जल्द कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों से बात करेंगे और ऋषिकेश में मैन्युअल फिटनेस प्रक्रिया बहाल कराने के साथ एवीएफसी संचालन शुरू कराने का प्रयास करेंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि लालतप्पड़ तक बार-बार जाना न केवल असुविधाजनक है बल्कि छोटे वाहन स्वामियों के लिए यह अतिरिक्त भार भी बन गया है। उन्होंने समाधान न होने पर आगे आंदोलन की चेतावनी भी दी।
आगे क्या
अब ट्रांसपोर्टरों की नजर सांसद के हस्तक्षेप और विभाग की आगामी कार्रवाई पर है। एवीएफसी की मशीनें लगते ही फिटनेस प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू होने की उम्मीद है।






