
टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण एक और गर्भवती महिला की मौत हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर से हायर सेंटर रेफर किए जाने के बाद 24 वर्षीय नीतू पंवार की फकोट के पास रास्ते में ही मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित इलाज मिलता तो नीतू की जान बच सकती थी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश व्याप्त है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
टिहरी जिले के कई ग्रामीण इलाकों में प्रसूता महिलाओं की सुरक्षा और इलाज को लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। हायर सेंटर रेफर किए जाने के दौरान मरीजों का रास्ते में दम तोड़ देना यहां कोई नई बात नहीं है। बीते महीनों में इसी क्षेत्र की तीन प्रसूताओं की रेफर प्रक्रिया के दौरान मौत हो चुकी है।
अधिकारिक जानकारी
भिलंगना ब्लॉक के श्रीकोट गांव निवासी नीतू पंवार, उम्र 24 वर्ष, आठ माह की गर्भवती थीं। अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन सुबह करीब 9 बजे उन्हें सीएचसी बेलेश्वर लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि गर्भवती की नियमित जांच न होने और शरीर में गंभीर सूजन (एडिमा) के साथ ब्लड प्रेशर तेज होने के कारण तत्काल हायर सेंटर रेफर करना जरूरी था।
डॉक्टरों ने परिजनों को मार्ग में किसी भी अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। परिजनों ने निजी वाहन से उन्हें हायर सेंटर ले जाने का निर्णय लिया। यात्रा के दौरान फकोट के पास नीतू की स्थिति गंभीर हुई और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे रेफर मामलों और लंबी दूरी तय करने की मजबूरी के चलते कई गर्भवती महिलाओं ने अपनी जान गंवाई है। उनका आरोप है कि पर्याप्त सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण सीएचसी अक्सर मरीजों को रेफर कर देता है, जिससे गंभीर परिस्थितियाँ पैदा हो जाती हैं।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि नीतू से पहले दो और प्रसूताएं रेफर प्रक्रिया में अपनी जान गंवा चुकी हैं, जिसके बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है।
परिजनों के आरोप
परिजनों ने कहा कि सीएचसी में लगाए गए इंजेक्शन के बावजूद डॉक्टरों ने उन्हें रास्ते में किसी भी अस्पताल में दिखाने की सलाह दी, जो उनकी असमंजस की स्थिति को और बढ़ा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सीएचसी में पर्याप्त सुविधाएं होतीं या उचित उपचार मिल जाता, तो नीतू की जान बचाई जा सकती थी।
नीतू का पति दीपक पंवार बहरीन में नौकरी करते हैं। परिवार के मुताबिक नीतू हाल ही में प्रसव के लिए गांव लौटी थी, लेकिन रेफर सिस्टम और कमजोर स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से उसकी जान चली गई।
आगे क्या
घटना के बाद पूरे भिलंगना ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग की है और सरकार से अपेक्षा जताई है कि सीएचसी स्तर पर सुविधाएं बढ़ाई जाएं। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच की तैयारी की जा रही है।





