
रायवाला: राजाजी टाइगर रिजर्व के पर्यटक गेट शनिवार सुबह सात बजे सैलानियों के लिए खोल दिए गए। मोतीचूर रेंज में वन क्षेत्राधिकारी महेश सेमवाल ने रिबन काटकर पर्यटन सीजन की औपचारिक शुरुआत की, जहां पहुंचे मेहमानों का तिलक और फूलमाला से स्वागत किया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राजाजी टाइगर रिजर्व हर साल 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खोला जाता है। प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव विविधता की वजह से यह देशभर के वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद रहा है। यहां जंगल सफारी का आनंद लगभग छह माह तक, 15 जून तक लिया जा सकता है। चीला और मोतीचूर रेंज वर्षों से पर्यटकों की पसंदीदा रेंज रही हैं जहां हाथियों और बाघों की उपस्थिति सबसे अधिक मानी जाती है।
आधिकारिक जानकारी
मोतीचूर रेंज के गेट पर वन विभाग ने आकर्षक सजावट की और सुबह सात बजे समारोह के साथ सीजन का शुभारंभ किया। पार्क प्रशासन के अनुसार चीला और मोतीचूर दोनों रेंजों में इस बार भी बड़ी संख्या में एशियाई हाथियों और बाघों को देखने का अवसर मिलेगा। मोतीचूर में हाल के वर्षों में कार्बेट टाइगर रिजर्व से लाए गए पांच बाघ भी सक्रिय रूप से देखे जा रहे हैं, जिससे यहां की जैव विविधता और समृद्ध हुई है।
पार्क में हाथी, गुलदार, हिरण, चीतल, सांभर, मोर और कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियां भी मौजूद हैं। कई प्रजातियाँ लुप्तप्राय श्रेणी में आती हैं, जिनकी निगरानी वन विभाग लगातार करता है।
वन अधिकारियों ने बताया कि वाहन नियमों को लेकर इस बार विशेष सख्ती बरती जाएगी। पार्क के अंदर केवल रजिस्ट्रेशन वाले टैक्सी नंबर वाहन ही सफारी के लिए प्रवेश कर सकेंगे। अवैध या डग्गामार वाहनों को अनुमति नहीं दी जाएगी ताकि दुर्घटनाओं और खतरे की संभावना समाप्त की जा सके। इसके लिए वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय गाइडों का कहना है कि सीजन की शुरुआत के साथ ही रायवाला और आसपास के इलाकों में रोजगार बढ़ता है। होटल संचालकों ने भी उम्मीद जताई कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में पर्यटकों की संख्या अधिक रहेगी। एक गाइड ने कहा कि “मोतीचूर में बाघों की बढ़ी संख्या इस सीजन को और आकर्षक बनाएगी।”
विशेषज्ञ टिप्पणी
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि कार्बेट से बाघों का सफलतापूर्वक स्थानांतरण राजाजी टाइगर रिजर्व को उत्तरी भारत के प्रमुख टाइगर हॉटस्पॉट्स में स्थान दिलाने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रिजर्व हाथियों और बाघों के सह-अस्तित्व का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
आगे क्या?
पार्क प्रशासन ने बताया कि पर्यटन सीजन के दौरान निगरानी बढ़ाई जाएगी और वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही वाहन नियम, पर्यटक सुरक्षा और रेंजों की क्षमता के अनुसार प्रवेश नियंत्रित रहेगा।






