
देहरादून: रेलवे स्टेशन क्षेत्र में परिवहन विभाग ने अवैध रूप से संचालित रेंटल बाइक प्रतिष्ठानों पर शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान कई सेंटरों को मौके पर ही बंद कराया गया, जबकि प्रतिष्ठान स्वामियों और स्थानीय व्यापारियों ने टीम का विरोध किया। विभाग ने इसे यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के पालन से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून में रेंटल बाइक सेवाएं तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन कई प्रतिष्ठान बिना लाइसेंस या गलत पते पर संचालन कर रहे थे। इससे परिवहन नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे थे। पहले भी ऐसे प्रतिष्ठानों की गतिविधियों को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं, जिसके बाद इस बार विभाग ने औचक अभियान चलाया।
आधिकारिक जानकारी
परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने रेलवे स्टेशन के पास स्थित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीम को जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलीं। कई प्रतिष्ठान लाइसेंस में दर्ज पते से अलग स्थान पर संचालित होते पाए गए। कुछ स्थानों पर निजी वाहनों को वाणिज्यिक उपयोग में लाया जा रहा था, जबकि कई सेंटर आवश्यक सुविधाओं जैसे पार्किंग, स्वागत कक्ष और शौचालय से भी वंचित पाए गए। कई प्रतिष्ठान संचालक किराए पर दी जाने वाली बाइकों का अभिलेख भी नहीं रखते थे और कई जगह लाइसेंस तथा शिकायत पुस्तिका भी प्रदर्शित नहीं थी।
निरीक्षण में सामने आई इन अनियमितताओं के आधार पर टीम ने मोटरयान अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की। विरोध के बावजूद प्रवर्तन टीम ने अपनी कार्यवाही बिना रुके जारी रखी। प्रवर्तन आरटीओ अनीता चमोला ने बताया कि सभी रेंटल बाइक संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आगे से संचालन केवल नियमों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और परिवहन नियमों का पालन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
छापेमारी के दौरान कई स्थानीय व्यापारियों ने टीम का विरोध किया। उनका कहना था कि अचानक की गई कार्रवाई से व्यापार पर असर पड़ता है और ग्राहकों में गलत संदेश जाता है। वहीं एक दुकानदार ने बताया कि अगर विभाग पहले से नोटिस जारी करता तो कई प्रतिष्ठान नियमों के अनुसार अपनी व्यवस्था दुरुस्त कर सकते थे।
विशेषज्ञ टिप्पणी
परिवहन मामलों के जानकार एक स्थानीय विशेषज्ञ ने कहा कि बिना लाइसेंस रेंटल वाहनों का संचालन दुर्घटनाओं के समय गंभीर कानूनी जटिलताएं पैदा कर सकता है। उनका कहना था कि ऐसी सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग बेहद आवश्यक है।
आगे क्या?
परिवहन विभाग ने संकेत दिया है कि आगामी दिनों में भी ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित जांच जारी रहेगी। विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी सेंटर के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे और सभी संचालकों को अपने लाइसेंस, रिकॉर्ड और संचालन स्थल को नियमों के अनुरूप रखने होंगे।





