
रुड़की में गुरुवार को देहरादून रोड के गोल चौराहे के पास एक लोडर पिकअप वाहन पलटने के बाद अचानक आग की चपेट में आ गया। आग ने कुछ ही क्षणों में विकराल रूप ले लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से आग पर काबू पाया गया और डीजल टैंक को फटने से बचा लिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रुड़की में सड़क दुर्घटनाएं और उससे जुड़ी आग की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में दमकल विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया कई बार बड़े हादसे होने से रोक देती है। इस घटना में भी त्वरित सूचना और फायर यूनिट की सजगता ने गंभीर नुकसान को टाल दिया।
घटना का विवरण
13 नवंबर को एक लोडर पिकअप वाहन गणेश चौक से लंढोरा की ओर जा रहा था। देहरादून रोड स्थित गोल चौराहे के पास वाहन अचानक बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराया और पलट गया। चालक आरिफ मलिक, निवासी लंढौरा (कोतवाली मंगलौर), किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, हालांकि उन्हें गंभीर चोटें आईं।
पलटने के तुरंत बाद वाहन में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने पूरी केबिन को घेर लिया और पास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने शुरुआती प्रयास किए लेकिन आग तेजी से फैलने लगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग लगते ही धुआं और लपटें काफी तेजी से उठने लगीं, जिससे भीड़ जमा हो गई। लोगों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर न पहुंचती तो आग आसपास के अन्य वाहनों या प्रतिष्ठानों तक फैल सकती थी।
दमकल विभाग और प्रशासन की कार्रवाई
सूचना मिलते ही फायर यूनिट और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल चालक को तत्काल सिविल अस्पताल रुड़की भेजा, जबकि दमकल टीम ने मोटर फायर इंजन और होज पाइप की मदद से आग पर कड़ी मशक्कत के बाद नियंत्रण पाया।
फायर यूनिट की सावधानी से डीजल टैंक को फटने से बचा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वाहन की वायरिंग, आगे के दो टायर और कुछ अन्य हिस्से पूरी तरह जल गए, जबकि पीछे के टायर जलने से बच गए।
अधिकारियों का बयान
दमकल विभाग के फायरमैन अतर सिंह राणा ने बताया कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलते ही टीम ने तेजी से मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
आगे क्या?
पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सड़क हादसे या आग लगने की स्थिति में तुरंत नियंत्रण कक्ष को सूचना दें, जिससे समय पर सहायता मिल सके।





