
हल्द्वानी: नैनीताल जिला मुख्यालय में मंगलवार को अतिक्रमण की रिपोर्टिंग कर रहे एक पत्रकार पर हमला करने की घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। बुधवार को जिला विकास प्राधिकरण (जेडीए) और पुलिस की संयुक्त टीम ने ऊंचापुल क्षेत्र में अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाते हुए अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। पत्रकार की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है, जबकि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मंगलवार 11 नवंबर को हल्द्वानी के ऊंचापुल इलाके में अतिक्रमण की रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार पर कुछ अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया था। उन्होंने न सिर्फ पत्रकार के साथ मारपीट की, बल्कि उसे नाले में धक्का भी दे दिया। घटना के बाद पत्रकार को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना ने मीडिया जगत और प्रशासन दोनों में हड़कंप मचा दिया।
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना के अगले ही दिन यानी बुधवार 12 नवंबर को जिला विकास प्राधिकरण (जेडीए) की टीम ने नाले की जमीन पर हुए अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया।
जेडीए सचिव विजय नाथ शुक्ला ने कहा कि यह कार्रवाई घटना की गंभीरता को देखते हुए की गई है। उन्होंने कहा, “कल की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नाले की जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण किया जा रहा था, जिसे आज पूरी तरह हटा दिया गया है।”
जमीन और नक्शे को लेकर विवाद
विजय नाथ शुक्ला ने स्पष्ट किया कि नक्शा केवल भूमिधर की जमीन पर ही पास किया जाता है, लेकिन कई बार लोग उस नक्शे का उपयोग कर सरकारी भूमि पर निर्माण कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि विभागीय कर्मचारियों — जैसे जेई या एई — ने कोई लापरवाही बरती होगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मेयर का बयान और सवाल
हल्द्वानी के मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने इस मामले में जिला विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, “मैंने चार दिन पहले ही प्राधिकरण को अतिक्रमण की सूचना दी थी। उस समय कहा गया कि उस निर्माण का नक्शा पास है। अब सवाल ये है कि अगर नक्शा पास था, तो आज किस आधार पर बिल्डिंग को तोड़ा गया?”
उन्होंने कहा कि यह विरोधाभास जांच का विषय है और प्रशासन को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
पत्रकार की स्थिति और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने पत्रकार पर हमला करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं पत्रकार की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
🔹 स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों और पत्रकार संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और अतिक्रमण जैसे मामलों में सख्त व पारदर्शी कार्रवाई की जाए।





