
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में उत्तराखंड सरकार ने “देवभूमि परिवार योजना” लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत राज्य में निवासरत हर परिवार को एक यूनिक फैमिली आईडी दी जाएगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचेगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड सरकार लंबे समय से राज्य में परिवारों की सटीक पहचान और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में काम कर रही है। हरियाणा की तर्ज पर शुरू की जा रही “देवभूमि परिवार योजना” इसी दिशा में एक अहम कदम है। इससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
साल 2022 में इस योजना को लागू करने की घोषणा हुई थी, जिसके बाद 2024 में नियोजन विभाग ने इसके लिए अलग प्रकोष्ठ बनाया और एक निजी कंपनी के साथ अनुबंध किया। एनआईसी (NIC) के सहयोग से इस योजना के लिए एक डिजिटल पोर्टल भी विकसित किया गया है।
आधिकारिक जानकारी
गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि इस योजना के तहत उत्तराखंड में रह रहे सभी परिवारों का विस्तृत डेटा बेस तैयार कर प्रत्येक परिवार को एक यूनिक पहचान संख्या दी जाएगी। इस आईडी के माध्यम से सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं को परिवार से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा, “सरकार की नीति है कि राज्य के 100 फीसदी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिले। इस दिशा में यह योजना अत्यंत कारगर सिद्ध होगी।”
स्थानीय / मानवीय दृष्टिकोण
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंच सकेगा। वहीं कुछ व्यापारियों ने कहा कि “योजना लागू होने से सरकारी सहायता में पारदर्शिता बढ़ेगी और बार-बार दस्तावेज़ जमा करने की परेशानी कम होगी।”
आंकड़े और लाभ
इस योजना के माध्यम से राज्य के लाखों परिवारों को एक यूनिक पहचान मिलेगी। इससे न केवल योजनाओं के लाभ का वास्तविक आकलन हो सकेगा, बल्कि एक क्लिक में यह भी पता चलेगा कि किसी परिवार ने कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ लिया है और कौन सी योजनाएं शेष हैं।
आगे की प्रक्रिया
अब सरकार इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी। पहले चरण में जिलों में परिवारों का डेटा एकत्र किया जाएगा और फिर सभी परिवारों को यूनिक फैमिली आईडी जारी की जाएगी। योजना से जुड़ा डिजिटल पोर्टल भी जल्द ही जनता के लिए जारी किया जाएगा।





