
देहरादून: राजधानी में बुधवार सुबह आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने बड़ी कार्रवाई शुरू की। विभाग की अलग-अलग टीमों ने शहर के नामी बिल्डरों और शराब कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी (रेड) की। इस कार्रवाई से शहर के कारोबारी हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बीते कुछ महीनों से रियल एस्टेट और शराब कारोबार से जुड़े कई मामलों में टैक्स अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही थी। आयकर विभाग की टीम लंबे समय से इन संस्थानों और कारोबारियों की वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। बुधवार को जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए विभाग ने एक साथ कई ठिकानों पर रेड की।
किन-किन पर हुई कार्रवाई
विभाग की टीमें नामी बिल्डर राकेश बत्ता, कमल अरोड़ा, इंदर खत्री, कसीगा स्कूल संचालक रमेश बत्ता, और शराब कारोबारी कमल अरोड़ा व प्रदीप वालिया के ठिकानों पर जांच कर रही हैं।
बताया गया है कि कार्रवाई एमकेपी रोड, द्वारका स्टोर क्षेत्र और राजपुर रोड पर स्थित दफ्तरों और आवासों में की जा रही है। साथ ही विभागीय टीमें कारोबार से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, अकाउंट बुक्स और जमीन के दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं।
आयकर विभाग की कार्रवाई की स्थिति
सूत्रों के अनुसार, सुबह से शुरू हुई छापेमारी देर दोपहर तक जारी रही। विभागीय अधिकारी फिलहाल मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि इस कार्रवाई का मकसद टैक्स चोरी और अघोषित संपत्ति से जुड़े मामलों की पड़ताल करना है।
कुछ ठिकानों पर डिजिटल डिवाइस, फाइलें और नगद रकम को भी सील किया गया है। विभाग की टीमें सभी दस्तावेजों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार करेंगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कार्रवाई की खबर फैलते ही शहर के कारोबारी वर्ग में हलचल मच गई। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि विभाग की टीमें सुबह से ही कई जगह पहुंचीं और किसी को भी ठिकानों में आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता आएगी, लेकिन छोटे कारोबारियों में भय का माहौल भी बना है।





