
नई दिल्ली: कांग्रेस हाईकमान ने गणेश गोदियाल को एक बार फिर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूकेपीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया है। कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रीतम सिंह को प्रचार समिति का अध्यक्ष और डॉ. हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इस फैसले को आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
गणेश गोदियाल इससे पहले भी 22 जुलाई 2021 से 10 अप्रैल 2022 तक उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में संगठन ने कई बड़े आंदोलनों और चुनावी अभियानों को दिशा दी थी। अब दोबारा उनकी ताजपोशी कांग्रेस की नई रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिससे संगठन में एकजुटता और अनुभव दोनों को बढ़ावा मिल सके।
आधिकारिक जानकारी
कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने गणेश गोदियाल को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही, प्रीतम सिंह को प्रचार समिति का अध्यक्ष और डॉ. हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। निवर्तमान अध्यक्ष करण माहरा को कांग्रेस कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि इन नियुक्तियों से संगठनात्मक ढांचे को मजबूती मिलेगी और आगामी चुनावों की तैयारी और सशक्त होगी।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रियाएँ
देहरादून और श्रीनगर (गढ़वाल) में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का स्वागत किया।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि, “गणेश गोदियाल एक जमीनी नेता हैं और संगठन में उनकी पकड़ मजबूत है। उनके नेतृत्व में कांग्रेस को नई ऊर्जा मिलेगी।”
वहीं कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह कदम गुटबाजी को खत्म कर संगठन में समन्वय बढ़ाएगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गणेश गोदियाल की दोबारा नियुक्ति कांग्रेस के अंदर स्थिरता और अनुभव को प्राथमिकता देने का संकेत है। इससे पार्टी को राज्य में अपने पुराने आधार को पुनः सक्रिय करने में मदद मिल सकती है।
आगे क्या
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद गणेश गोदियाल शीघ्र ही प्रदेश संगठन की नई टीम की घोषणा कर सकते हैं। संगठन स्तर पर जिला और शहर इकाइयों में भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जल्द ही प्रचार और प्रबंधन समितियों की बैठकें बुलाई जाएंगी ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार की जा सके।







