
थराली/चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा नारायणबगड़ ब्लॉक के गढ़कोट इलाके में हुआ, जहां एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पहाड़ी जिलों में लगातार हो रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। बरसात के बाद कई सड़कों पर मिट्टी धंसने और मोड़ों पर फिसलन जैसी स्थितियों के चलते हादसों में वृद्धि देखी जा रही है। चमोली जिले का यह ताजा मामला भी ऐसी ही परिस्थितियों में सामने आया है।
हादसे का विवरण
नारायणबगड़ थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने बताया कि हादसा मींग गधेरा–हंसकोटी–खेनोली मोटर मार्ग पर गढ़कोट लेलाछिमा तोक के पास हुआ। बोलेरो (UK-TA 2296) वाहन में तीन लोग सवार थे, जो अचानक नियंत्रण खो बैठा और गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे की सूचना स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और DDRF की टीम मौके पर पहुंची और खाई में उतरकर तीनों घायलों को बाहर निकाला।
मृतक और घायलों की पहचान
पुलिस के अनुसार, हादसे में 35 वर्षीय प्रकाश सिंह पुत्र बलबीर सिंह निवासी गढ़कोट, तहसील नारायणबगड़ की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, घायल दो व्यक्तियों की पहचान दर्शन सिंह (33) पुत्र पुष्कर सिंह और विक्रम सिंह (28) पुत्र पुष्कर सिंह, निवासी ग्वाड़लगा गढ़कोट के रूप में हुई है। दोनों को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जांच में जुटी पुलिस
थानाध्यक्ष ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि वाहन मोड़ पर अनियंत्रित होकर फिसल गया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है और वाहन को खाई से निकालने की कार्रवाई जारी है।
दो दिन पहले रुद्रप्रयाग में भी हुआ था हादसा
गौरतलब है कि दो दिन पहले रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ हाईवे पर भी एक बोलेरो वाहन बेकाबू होकर खेत में जा गिरा था। उस हादसे में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर सड़क किनारे सुरक्षा रेलिंग और चेतावनी संकेतों की कमी के कारण दुर्घटनाएं बार-बार हो रही हैं। एक ग्रामीण ने कहा, “सड़क संकरी है और मोड़ खतरनाक हैं, प्रशासन को जल्द सुधार कार्य करवाने चाहिए।”
आगे क्या
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही लोक निर्माण विभाग को भी सड़क की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए जाने की संभावना है।





