
देहरादून: शहर के जाखन क्षेत्र में एक बार फिर विदेशी नस्ल के रॉटवीलर कुत्ते ने दहशत फैला दी। मंगलवार को मामूली कहासुनी के बाद एक युवक ने अपने पालतू रॉटवीलर को ऑटो चालक पर हमला करने के लिए छोड़ दिया, जिससे चालक की टांग पर चोटें आईं। गनीमत रही कि पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए खुद को बचा लिया। पुलिस चौकी में दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद नगर निगम ने कुत्ता मालिक पर ₹5000 का जुर्माना लगाया और चेतावनी दी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
विदेशी नस्लों के पालतू कुत्ते खासतौर पर रॉटवीलर, पिटबुल और जर्मन शेफर्ड जैसी प्रजातियाँ पिछले कुछ समय से शहरों में चर्चा में हैं — अक्सर इनके हमलों की खबरें सामने आती रहती हैं। जाखन में यह घटना ऐसे ही खतरनाक “शौक” को लेकर फिर सवाल खड़ा करती है।
घटना का विवरण
मंगलवार दोपहर राजपुर रोड स्थित ब्रुक्स एंड वुड कॉलोनी में रहने वाला युवक रोहित अपने रॉटवीलर कुत्ते को पट्टा बांधकर टहलाने निकला था। इसी दौरान कॉलोनी में खड़े ऑटो चालक दीप नारायण यादव से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में रोहित ने कुत्ते का पट्टा छोड़ दिया। अगले ही पल रॉटवीलर ने ऑटो चालक पर झपट्टा मारा और टांग पर काट लिया।
पीड़ित दीप नारायण किसी तरह खुद को छुड़ाकर जान बचाने में सफल रहा। इसके बाद वह सीधा जाखन पुलिस चौकी पहुंचा और आरोपी युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस और निगम की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई, जिसके बाद आपसी समझौता हो गया। ऑटो चालक ने इलाज का खर्च लेकर मुकदमा दर्ज नहीं कराया। घटना की जानकारी नगर निगम तक पहुंची तो निगम की टीम तुरंत चौकी पहुंची। जांच में पता चला कि कुत्ता बिना पंजीकरण के पाला जा रहा था।
इस पर निगम ने ₹5000 का चालान काटा और मालिक को सख्त चेतावनी दी। साथ ही तीन माह के भीतर कुत्ते का बंध्याकरण (neutering) कराने का आदेश भी जारी किया गया।
निगम की सख्त नीति पर जोर
नगर निगम के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने कहा —
“नगर निगम अब सभी खतरनाक प्रजातियों के कुत्तों का पंजीकरण करवा रहा है ताकि डेटा उपलब्ध रहे। बिना मजल (सुरक्षा बेल्ट) या खुले में कुत्ते घुमाने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि कुत्ते से किसी पर हमला करवाना कानूनन अपराध है, और इस तरह की घटनाओं को लेकर निगम अब ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपना रहा है।
पहले भी हो चुके हमले
यह जाखन क्षेत्र में रॉटवीलर द्वारा हमला करने का पहला मामला नहीं है। जुलाई में इसी इलाके में दो रॉटवीलर कुत्तों ने एक बुजुर्ग महिला पर हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। महीनों बाद भी वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाईं। लगातार ऐसे मामलों से स्थानीय निवासियों में विदेशी नस्ल के कुत्तों को लेकर भय और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से अपील की है कि खतरनाक नस्लों पर सख्त निगरानी रखी जाए और बिना प्रशिक्षण वाले मालिकों को इन्हें पालने की अनुमति न दी जाए। लोगों ने कहा कि ऐसी घटनाएँ कभी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं।






