
पिथौरागढ़: जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर जाने और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों को शिविरों में भेजे जाने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना 800 से अधिक मरीजों की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन इलाज के लिए डॉक्टर न मिलने से लोग निराश होकर लौट रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पहाड़ी जिलों में पहले से ही स्वास्थ्य सेवाएं सीमित हैं। पिथौरागढ़ में यह स्थिति अब और गंभीर हो गई है। जिले के जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन डॉक्टरों की कमी ने हालात बिगाड़ दिए हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ के अवकाश से ठप हुई बच्चों की चिकित्सा सेवा
अस्पताल में तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ सोमवार से एक महीने के अवकाश पर चले गए हैं। इससे पूरे जिले में बच्चों के इलाज की व्यवस्था ठप हो गई है। वहीं, ईएनटी सर्जन, चर्म रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन को विभिन्न शिविरों में भेज दिया गया है। इन सभी के कमरों के दरवाजे बंद रहे, जिससे मरीजों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी।
मरीजों की बढ़ती परेशानी
इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को जब चिकित्सकों के अवकाश और शिविर ड्यूटी की जानकारी मिली, तो वे निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हो गए। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सबसे अधिक मुश्किल हो रही है क्योंकि निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च वहन करना उनके लिए कठिन है।
लंबे समय से बाल रोग विशेषज्ञों की कमी
जिले में बाल रोग विशेषज्ञों के आठ स्वीकृत पदों में से छह पद रिक्त चल रहे हैं। महिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ पहले ही एक साल के कोर्स के लिए अवकाश पर जा चुके हैं। अब जिला अस्पताल के एकमात्र डॉक्टर भी अवकाश पर चले जाने से स्थिति और बिगड़ गई है।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल पिथौरागढ़ ने कहा —
“बाल रोग विशेषज्ञ अवकाश पर चले गए हैं। अन्य विशेषज्ञों की ड्यूटी शिविर में लगी है। इनके लौटते ही स्वास्थ्य व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया और जन असंतोष
महिला कांग्रेस ने सरकार पर बाल रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति में लापरवाही का आरोप लगाया है।
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष नंदा बिष्ट (डीडीहाट) ने कहा —
“सरकार की नाकामी के कारण वर्षों से बच्चों के डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हुई। धारचूला उपजिला अस्पताल में भी लंबे समय से बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है, जिससे लोगों को 90 किलोमीटर दूर पिथौरागढ़ तक आना पड़ता है।”
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह स्थिति “जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़” है और सरकार को तुरंत रिक्त पदों पर नियुक्ति करनी चाहिए।




