
धर्म डेस्क: कार्तिक पूर्णिमा हिंदू पंचांग की सबसे पवित्र तिथियों में से एक है। इस दिन गंगा स्नान, दान-दक्षिणा और दीपदान का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन देव दीपावली मनाई जाती है, जिसे देवताओं की दीपावली कहा गया है। वर्ष 2025 में कार्तिक पूर्णिमा 5 नवंबर को पड़ रही है। इस दिन शिववास योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और भरणी नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे कुछ राशियों के लिए यह दिन अत्यंत लाभकारी रहेगा।
कार्तिक पूर्णिमा 2025 की तिथि और समय
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 4 नवंबर 2025, रात 10:36 बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 5 नवंबर 2025, शाम 6:48 बजे! तिथि के अनुसार, 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाएगी।
इस वर्ष के शुभ योग और नक्षत्र
इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर तीन विशेष संयोग बन रहे हैं —
- शिववास योग: भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ योग।
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सभी कार्यों में सफलता दिलाने वाला शुभ योग।
- भरणी नक्षत्र: इसके स्वामी शुक्र ग्रह हैं, जो भौतिक सुख-सुविधाओं के कारक माने जाते हैं।
इन योगों के प्रभाव से कुछ राशियों पर विशेष रूप से धन, सम्मान और सफलता के योग बनेंगे।
इन 3 राशियों पर रहेगा शुभ प्रभाव —
वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि वालों के लिए यह दिन अत्यंत लाभदायक रहेगा।
- भौतिक सुखों में वृद्धि होगी।
- लंबे समय से लंबित कार्य पूर्ण होंगे।
- शिक्षा व करियर में प्रगति के योग हैं।
- अविवाहित जातकों के विवाह प्रस्ताव मिल सकते हैं।
- कार्यक्षेत्र में सम्मान और नए अवसर प्राप्त होंगे।
“वृषभ राशि वालों को इस दिन लक्ष्मी और शिव दोनों का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है।”
मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि वालों के लिए समय शुभ रहेगा।
- घर या संपत्ति से जुड़ा कोई कार्य सफल हो सकता है।
- संतान सुख की प्राप्ति होगी।
- शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन संभव है।
- लेखन, मीडिया या शिक्षा से जुड़े लोगों की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
- किसी नई यात्रा या आध्यात्मिक अनुभव का अवसर मिलेगा।
“मिथुन राशि के जातकों के लिए यह दिन आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ाने वाला रहेगा।”
कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि वालों के लिए यह कार्तिक पूर्णिमा शुभ परिवर्तन लेकर आएगी।
- प्रेम और वैवाहिक जीवन में सकारात्मकता आएगी।
- धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
- आर्थिक लाभ और निवेश से फायदा होने के योग हैं।
- कारोबार विस्तार के अवसर मिलेंगे।
- समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
“कन्या राशि वालों को यह दिन नई शुरुआत और सफलता का संकेत दे रहा है।”
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान, दीपदान और भगवान विष्णु व शिव की पूजा का अत्यधिक महत्व है। माना जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों से सभी पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति को मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है। देव दीपावली के दिन काशी सहित गंगा तटों पर दीप प्रज्वलित कर अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव मनाया जाता है।







