
देहरादून: राजधानी में साइबर अपराधियों ने दो अलग-अलग घटनाओं में लोगों से करीब 78 लाख रुपए की ठगी कर ली। एक मामले में निवेश का झांसा देकर 58 लाख से अधिक, जबकि दूसरे में फेसबुक पर फर्जी लिंक भेजकर रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 20 लाख रुपए उड़ा लिए गए। पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला: निवेश का झांसा और 58 लाख की ठगी
पीड़ित अमित विनायक ने साइबर क्राइम स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है कि एक व्यक्ति उन्हें शेयर मार्केट से संबंधित प्रशिक्षण दे रहा था। कुछ दिनों बाद उसने एक लिंक भेजा और निवेश से संबंधित ऐप डाउनलोड करने को कहा।
- आरोपी ने खुद को सेबी से पंजीकृत ट्रेडिंग सलाहकार बताते हुए पीड़ित को निवेश का प्रलोभन दिया।
- 10 सितंबर को पीड़ित ने 25 हजार रुपए जमा किए और कुछ दिनों में 10-15% मुनाफा दिखाया गया।
- विश्वास बढ़ने पर पीड़ित ने 27 सितंबर तक कुल 58 लाख 48 हजार रुपए विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए।
- जब उन्होंने राशि निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने कहा कि निकासी के लिए पहले 20 लाख रुपए और जमा करने होंगे।
शक होने पर पीड़ित ने तुरंत लेन-देन रोककर साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
सीओ कुश मिश्रा ने बताया कि जिन खातों में रकम भेजी गई है, उनकी जांच की जा रही है और संबंधित बैंकों से विवरण मांगा गया है।
दूसरा मामला: रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 20 लाख की ठगी
दूसरे मामले में टेक चंद्र, जो 2018 में एक बैंक से रिटायर हुए थे, ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर को फेसबुक चलाते समय उन्हें “Get Life Certificate Update” नाम से एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में “Update Now” बटन पर क्लिक करने से उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला।
- कॉल करने पर व्यक्ति ने खुद को बैंक का अधिकारी बताया और एक एपीके फाइल भेजी।
- वीडियो कॉल पर ठग ने उनसे ATM नंबर, पिन और अन्य बैंक विवरण मांगे।
- थोड़ी देर बाद उनके बैंक खाते से चार बार में कुल 20 लाख रुपए निकाल लिए गए।
- साइबर ठगों ने उनके खाते से 6 एफडीआर तोड़कर भी रकम ट्रांसफर की।
पीड़ित को ठगी का अहसास होने पर उन्होंने तुरंत साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
साइबर सेल थाना पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीओ कुश मिश्रा ने बताया कि संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने और ट्रांजेक्शन डिटेल्स प्राप्त करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि —
- किसी भी अज्ञात लिंक या ऐप पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या बैंक विवरण साझा न करें।
- Facebook या WhatsApp पर आए किसी भी विज्ञापन या लिंक पर क्लिक करने से पहले स्रोत की पुष्टि करें।
- किसी भी ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 (National Cyber Helpline) या निकटतम साइबर थाने में संपर्क करें।
साइबर अपराधों में बढ़ोतरी
देहरादून समेत उत्तराखंड के अन्य जिलों में बीते कुछ महीनों में ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग और सोशल मीडिया लिंक ठगी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। साइबर सेल के अनुसार, अधिकतर लोग “उच्च मुनाफे या सरकारी योजना” के झांसे में आकर ठगों का शिकार बन रहे हैं।







