
रामनगर (नैनीताल): प्रतिबंधित मांस ले जाने के संदेह में वाहन चालक के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
घटना 23 अक्टूबर की है, जब बरेली से मांस लेकर आ रहे पिकअप वाहन को छोई क्षेत्र में कुछ लोगों ने रोक लिया और चालक की पिटाई कर दी।
पीड़ित चालक की पत्नी, निवासी गूलरघट्टी, ने इस घटना की शिकायत दर्ज कराई थी और न्याय व कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने ग्राम छोई निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर भीड़ को उकसाने और हिंसा करने का आरोप है।
कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि यह मामला संवेदनशील है और इसकी हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस ने मौके की सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो भी जब्त कर लिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय और कौन लोग शामिल थे।
कोतवाल ने कहा कि “कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन क्षेत्र में गश्त बढ़ा चुका है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने व शांति बनाए रखने की अपील की है।”
गौरतलब है कि इस मामले में पहले ही भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सहित पांच हिंदूवादी नेताओं और 20–30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।
सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन और मुआवजे की मांग
घटना के बाद रामनगर में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर में धरना देते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और घायल चालक को ₹10 लाख मुआवजा देने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने सीमित कार्रवाई की है, जिससे लोगों में नाराज़गी है। संगठनों ने आरोप लगाया कि कुछ उग्र समूह शहर का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।







