
ऋषिकेश: रात के सन्नाटे को चीरती एक और हिंसक घटना ने स्थानीय निवासियों में दहशत फैला दी है। हरिद्वार डिपो की चंडीगढ़-ऋषिकेश रूट पर चलने वाली रोडवेज बस पर नशेड़ियों ने पथराव कर बस रोकी और चालक-परिचालक से मारपीट करते हुए 24 हजार रुपये लूट लिए। बस की वर्दी फाड़ दी गई, और आरोपी अंधेरे में गायब हो गए। यह घटना शनिवार रात चंद्रभागा पुल के पास हुई, और अब पुलिस की गश्त पर सवाल उठ रहे हैं। लगातार दूसरी रात ऐसी लूट होने से शहर में अवैध शराब कारोबार और नशे की बढ़ती समस्या पर भी बहस छिड़ गई है।
बस पर हमला: पथराव से शुरू हुई लूट की वारदात
हरिद्वार डिपो की बस, जो चंडीगढ़ से ऋषिकेश के बीच संचालित होती है, शनिवार रात 12:07 बजे ऋषिकेश बस अड्डे पहुंची। चालक सोनू कुमार ने यात्रियों को उतारने के बाद बस को आईएसबीटी से चंद्रभागा पुल की ओर मोड़ा। पुल के नजदीक पहुंचते ही सड़क पर खड़े कुछ नशेड़ियों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। बस के शीशे टूट गए, और डरकर चालक ने वाहन रोका।
नीचे उतरते ही हमलावरों ने सोनू कुमार और परिचालक अनुज कुमार पर धावा बोल दिया। मारपीट की, वर्दी फाड़ी, और कंडक्टर के थैले से नकदी भरा बैग छीन लिया। करीब 24 हजार रुपये लूटकर वे मौके से फरार हो गए। घायल चालक-परिचालक ने बस को वापस आईएसबीटी लाया और रोडवेज अधिकारियों को सूचना दी। 112 पर कॉल करने के बाद चीता पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी भाग चुके थे।
सोनू कुमार ने बताया, “हम बस साफ कर रहे थे जब पथराव हुआ। नीचे उतरते ही उन्होंने हमें घेर लिया। डर के मारे हम कुछ बोल ही न पाए।”
लगातार दूसरी लूट: ई-रिक्शा चालक भी बना शिकार
यह घटना ऋषिकेश में रात की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ी कर रही है। महज एक दिन पहले, 17 अक्टूबर की रात को आईडीपीएल चौकी क्षेत्र के काले की ढाल में नशेड़ियों ने ई-रिक्शा चालक सोनू कुमार (दूसरा सोनू) से मारपीट कर कैश लूट लिया था। लगातार दूसरी घटना से स्थानीय पुलिस पर उंगली उठ रही है।
पुलिस गश्त पर सवाल: अवैध शराब की होम डिलीवरी बनी समस्या
शहरवासी पुलिस की रात्रिकालीन गश्त पर सवाल उठा रहे हैं। कई इलाकों में गाड़ियां घुमाकर ही गश्त पूरी कर ली जाती है, जबकि मोहल्लों में पैदल गश्त न के बराबर है। खोखों और दुकानों की आड़ में शराब बिक्री पर भी पुलिस की कार्रवाई ढीली है। ऋषिकेश में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। यह उत्तराखंड का इकलौता शहर लगता है जहां शराब की होम डिलीवरी होती है – एक फोन पर किसी भी कोने में उपलब्ध। पुलिस को जानकारी होने के बावजूद कोई सख्ती नहीं दिख रही।
इस नशे की समस्या ने रोडवेज स्टाफ और अन्य वाहन चालकों को असुरक्षित बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि रात की गश्त बढ़ाने और अवैध शराब पर नकेल कसने की जरूरत है।
पुलिस का बयान: जांच जारी, जल्द कार्रवाई का आश्वासन
हरिद्वार डिपो के एजीएम विशाल चंद्रा ने कहा, “ऋषिकेश में कुछ लोगों ने रोडवेज बस पर पथराव कर चालक-परिचालक से मारपीट की और 24 हजार लूट लिए। वर्दी फाड़ दी गई। आईएसबीटी चौकी में तहरीर दी गई है।”
कोतवाली ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने बताया, “मामले में शिकायत मिली है। जांच चल रही है। आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे, और अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।”
यह घटना ऋषिकेश की सुरक्षा व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग कर रही है। स्थानीय निवासियों से अपील है कि रात में अकेले यात्रा न करें और संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।







