
केदारनाथ: केदारनाथ मंदिर में दीपावली 2025 के साथ कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रविवार को भकुंट भैरव की आज्ञा लेने के बाद मंदिर के गर्भगृह में स्वयंभू लिंग के ऊपर स्थापित सोने का छत्र और कलश उतार दिया गया। केदारसभा ने भगवान केदारनाथ की विशेष पूजा संपन्न की। 20 अक्टूबर 2025 से भगवान की बिना शृंगार की आरती शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया पंचपंडा रुद्रपुर के हक-हकूकधारियों ने संपन्न की। इस अवसर पर केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, महामंत्री अंकित सेमवाल, अनीत शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला, नवीन शुक्ला, दीपक, हिमांशु, विनोद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
मंदिर को दीपावली के लिए तीन क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया जा रहा है। राजकुमार तिवारी ने बताया, “मंदिर को फूलों से भव्य रूप दिया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।”
बदरीनाथ धाम: दीपोत्सव की भव्य तैयारी
बदरीनाथ धाम में 20 अक्टूबर को दीपावली का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिर को गेंदे, गुलाब और अन्य फूलों से सजाया गया है, जिसमें आकर्षक फूलों की आकृतियां बनाई गई हैं। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) तीर्थ पुरोहितों और हक-हकूकधारियों के सहयोग से दीपोत्सव का आयोजन कर रही है। डिमरी केंद्रीय पंचायत, मेहता, भंडारी और कमदी हक-हकूकधारियों के साथ मिलकर मंदिर परिसर में दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
मुंबई, गुजरात और सिलीगुड़ी से आए श्रद्धालुओं ने कहा, “फूलों से सजा बदरीनाथ मंदिर बेहद भव्य और आध्यात्मिक लग रहा है। यह एक अविस्मरणीय अनुभव है।” बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया, “दीपावली के लिए मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों को दीपों से सजाया गया है, जो धाम की शोभा को और बढ़ा रहा है।”







