
मसूरी: केम्पटी फॉल के पास शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब पेट्रोल और डीजल से भरा एक ट्रक पेट्रोल पंप के सामने गहरी खाई में गिर गया। ट्रक के टैंक फटने से भारी मात्रा में ईंधन रिसाव शुरू हुआ, जिससे क्षेत्र में आग लगने का खतरा बढ़ गया। केम्पटी पुलिस और मसूरी फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई ने संभावित दुर्घटना को टाल दिया। पुलिस ने तकनीकी खामी की आशंका जताते हुए जांच शुरू कर दी है।
हादसे का विवरण
घटना शनिवार सुबह की है, जब देहरादून से आ रहा एक ट्रक, जो पेट्रोल और डीजल से भरा था, केम्पटी फॉल के पेट्रोल पंप पर आपूर्ति के लिए रुका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ने ट्रक को हैंड ब्रेक लगाकर खड़ा किया और पंप की ओर चला गया। कुछ ही पलों में ट्रक पीछे की ओर खिसकता हुआ खाई में जा गिरा। खाई में गिरने से ट्रक के ईंधन टैंक क्षतिग्रस्त हो गए, और पेट्रोल-डीजल तेजी से बहने लगा। रिसाव इतना अधिक था कि सड़क पर पेट्रोल की धारा बहने लगी, और पूरे क्षेत्र में पेट्रोल की गंध फैल गई।
2024 की एक सड़क सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में 10% सड़क हादसे तकनीकी खराबी और खराब सड़कों के कारण होते हैं, जो इस हादसे की गंभीरता को दर्शाता है।
त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही केम्पटी पुलिस और मसूरी फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया, और फायर सर्विस ने आग की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की। फायर ऑफिसर धीरज तडियाल ने बताया, “दीपावली के समय पेट्रोल और डीजल से भरा ट्रक गिरना बेहद खतरनाक था। हमने तुरंत रिसाव को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए।”
फायर सर्विस और स्थानीय प्रशासन ने रिसते ईंधन को एक खाली टैंकर में स्थानांतरित किया। इसके लिए विशेष पाइप का उपयोग किया गया ताकि चिंगारी या घर्षण से आग न लगे। इस तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस की जांच
केम्पटी पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खामी को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने तकनीकी टीम की सहायता से जांच शुरू कर दी है। स्थानीय निवासी रमेश भट्ट ने कहा, “केम्पटी फॉल पर्यटकों का प्रमुख केंद्र है। अगर आग लग जाती, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।”
2024 में मसूरी में सड़क हादसों से संबंधित 15 मामले दर्ज हुए, जिनमें से कई खराब सड़कों और वाहन खराबी से जुड़े थे।
स्थानीय चिंता
केम्पटी फॉल पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है, और इस हादसे ने क्षेत्र में सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है। स्थानीय लोग और व्यापारी सड़क मरम्मत और स्पीड ब्रेकर की मांग कर रहे हैं। पेट्रोल पंप कर्मचारी अनिल रावत ने कहा, “ऐसे हादसे डरावने हैं। सड़क पर सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है।”






