
देहरादून: उत्तराखंड में दीपावली पर्व से पहले मिलावटखोरी के खिलाफ फूड सेफ्टी विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आने वाले खाद्य पदार्थों, खासकर पनीर और मावा, में मिलावट की शिकायतों के बाद बॉर्डर क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अब तक 31 क्विंटल दुग्ध उत्पाद नष्ट किए जा चुके हैं। सरकार ने ‘मिलावट पर जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है।
मिलावटखोरी पर छापेमारी
फूड सेफ्टी अधिकारियों ने बताया कि दीपावली के दौरान मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। इस बार प्रदेश भर में, विशेष रूप से बॉर्डर क्षेत्रों में, सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के अनुसार, अब तक 250 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से कई में मिलावट पाई गई।
अब तक की कार्रवाई में:
- 850 किलो पनीर
- 500 किलो क्रीम
- 875 किलो मिठाई
- 900 किलो मावा
नष्ट किए गए हैं, जो कुल मिलाकर 31 क्विंटल से अधिक है। 2024 की एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में पिछले साल दीपावली के दौरान 20% खाद्य सैंपल मिलावटी पाए गए थे, जिसके बाद यह अभियान और तेज किया गया है।
बॉर्डर पर सख्त निगरानी
उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों की सबसे ज्यादा सप्लाई उत्तर प्रदेश और हरियाणा से होती है। इस कारण बॉर्डर चेकपोस्ट पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मिलावटी मावा, पनीर, और मिठाइयों को रोकने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। फूड सेफ्टी अधिकारी रमेश सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्तराखंड के लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलें। दीपावली के समय मिलावटखोरों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।”
दीपावली और मिलावट का खतरा
दीपावली के दौरान मिठाइयों का कारोबार चरम पर होता है। 2024 में उत्तराखंड में मिठाई और दुग्ध उत्पादों की बिक्री 15% बढ़ी थी। इस मांग को देखते हुए मिलावटखोर सस्ते और हानिकारक पदार्थों का उपयोग करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकते हैं। फूड सेफ्टी विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे विश्वसनीय दुकानों से ही मिठाइयां और दूध के उत्पाद खरीदें।
स्थानीय निवासी अनिता रावत ने कहा, “मिलावट की वजह से हमें डर रहता है कि कहीं खराब मिठाई न खा लें। सरकार की यह कार्रवाई बहुत जरूरी है।”
सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
उत्तराखंड सरकार ने ‘मिलावट पर जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। फूड सेफ्टी विभाग ने चेतावनी दी है कि मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 2024 में विभाग ने 50 से अधिक दुकानों पर जुर्माना लगाया और कई लाइसेंस रद्द किए। इस साल दीपावली से पहले अभियान को और तेज करने की योजना है।
एफडीए अधिकारी ने बताया, “हम न केवल मिलावटी सामान को नष्ट कर रहे हैं, बल्कि सैंपल जांच के लिए लैब में भी भेज रहे हैं। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”





