
तपोवन: उत्तराखंड के तपोवन में नरेंद्रनगर विकास प्राधिकरण ने एक अवैध निर्माण को सील कर दिया। यह कार्रवाई श्री दुर्गेश और अन्य के भवन पर की गई, जो डीकॉन वैली के पीछे घुघत्याणी में है। संयुक्त सचिव/एसडीएम नरेंद्रनगर के आदेश पर अधिशासी अभियंता पंकज पाठक, कनिष्ठ अभियंता विपिन कोठारी, उमंग नौटियाल, और पीआरडी स्टाफ की मौजूदगी में यह कदम उठाया गया। यह कार्रवाई अवैध निर्माणों पर सख्ती और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राधिकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कार्रवाई का विवरण
प्राधिकरण की टीम ने घुघत्याणी में अवैध भवन को पूरी तरह सील कर दिया। पंकज पाठक ने बताया, “यह निर्माण बिना अनुमति के बनाया जा रहा था। कई बार नोटिस देने के बाद भी इसे नहीं रोका गया, इसलिए एसडीएम के आदेश पर कार्रवाई की गई।” कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोग मौजूद थे और उन्होंने इस कदम का स्वागत किया।
विपिन कोठारी ने कहा, “हमने दस्तावेजों की जांच की और पाया कि इस भवन के लिए कोई वैध अनुमति नहीं थी।” उमंग नौटियाल ने बताया कि पीआरडी स्टाफ की मदद से कार्रवाई शांतिपूर्ण रही।
अवैध निर्माण की समस्या
तपोवन और नरेंद्रनगर में अवैध निर्माण एक बड़ी समस्या है। 2024 की एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, प्राधिकरण ने पिछले साल 50 से अधिक अवैध भवनों पर कार्रवाई की। ये निर्माण पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं और शहरी विकास नियमों का उल्लंघन करते हैं। एसडीएम नरेंद्रनगर ने कहा, “हम नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे। अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।”
स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने कहा, “यह कार्रवाई जरूरी थी। अवैध भवन तपोवन की सुंदरता और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे थे। प्राधिकरण को और सख्ती करनी चाहिए।”
प्राधिकरण की भूमिका
नरेंद्रनगर विकास प्राधिकरण का लक्ष्य क्षेत्र में नियोजित और पर्यावरण-अनुकूल विकास सुनिश्चित करना है। 2024 में प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों पर 20% अधिक कार्रवाइयां कीं। यह कार्रवाई तपोवन के पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।







