
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक सनसनीखेज साइबर ठगी का मामला सामने आया है। फेसबुक पर दोस्ती कर एक महिला ने सेंट्रल बैंक के कर्मचारी को अपने विश्वास में लिया और अपने साथियों के साथ मिलकर 28.37 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज की, जिसके बाद अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ठगी की कहानी: फेसबुक से शुरू हुई साजिश
क्लेमेनटाउन निवासी सुरेश चंद्र, जो सेंट्रल बैंक में कार्यरत हैं, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी फेसबुक पर मारिया विलियम्स नाम की एक महिला से दोस्ती हुई, जो खुद को लंदन की निवासी बताती थी। कुछ समय बाद मारिया ने उनका वाट्सएप नंबर लिया और बातचीत शुरू की।
27 सितंबर 2025 को मारिया ने बताया कि वह भारत घूमने आ रही है। उसने वाट्सएप पर टिकट और वीजा की कॉपी भेजी, जिससे सुरेश को उसकी बात पर यकीन हो गया। 29 सितंबर को एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें एक महिला ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट की कर्मचारी बताया और मारिया को फोन सौंप दिया। मारिया ने कहा कि उसके पास पाउंड्स हैं, जो भारतीय मुद्रा में 59 लाख रुपये के बराबर हैं, लेकिन उसे औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कुछ धनराशि की जरूरत है।
ठगी का जाल: विभिन्न बहानों से ट्रांसफर कराए पैसे
मारिया और कथित एयरपोर्ट कर्मचारी ने दो बैंक खाता नंबर भेजे और विभिन्न चार्ज जैसे टैक्स, विदेशी मुद्रा सर्टिफिकेट, और सीए सर्टिफिकेट के नाम पर पैसे मांगे। सुरेश ने बताया कि वह उनकी बातों में आ गया और 29 सितंबर से 8 अक्टूबर के बीच 28.37 लाख रुपये इन खातों में ट्रांसफर कर दिए।
मारिया बार-बार कहती रही कि “पैसा जमा हो गया है, फंड जल्द रिलीज हो जाएगा।” लेकिन जब उसने 3.41 लाख रुपये और मांगे, तो सुरेश को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने मुंबई एयरपोर्ट हेल्प डेस्क से संपर्क किया, जहां पता चला कि मारिया द्वारा दिए गए दस्तावेज फर्जी हैं और इस नाम से कोई जानकारी नहीं है। यह सुनकर सुरेश को गहरा सदमा लगा और वह चक्कर खाकर गिर पड़े।
साइबर थाने में शिकायत
सुरेश ने तुरंत साइबर पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज की और क्लेमेनटाउन साइबर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर ठगी का बढ़ता खतरा
यह मामला साइबर ठगी के बढ़ते खतरे को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि:
- सोशल मीडिया पर सतर्कता जरूरी: फेसबुक और वाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर अज्ञात लोगों से दोस्ती करने में सावधानी बरतनी चाहिए।
- फर्जी दस्तावेजों से बचें: टिकट, वीजा, या अन्य दस्तावेजों की सत्यता जांचे बिना भरोसा न करें।
- साइबर हेल्पलाइन: ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
जांच और जागरूकता की जरूरत
पुलिस ने इस मामले में जांच तेज कर दी है और ठगों के बैंक खातों और नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर ठगी जैसे अपराधों से बचने के लिए जनता को जागरूक करने की जरूरत है। प्रशासन और पुलिस से अपेक्षा है कि इस तरह के ठगों को जल्द पकड़ा जाए ताकि अन्य लोग इस तरह की ठगी का शिकार न हों। पीड़ित सुरेश चंद्र के लिए यह एक बड़ा आर्थिक और मानसिक झटका है।







