
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 12 वर्षीय बच्चे ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा, “मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं,” लेकिन आत्महत्या का कारण नहीं बताया। प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि परीक्षा में कम नंबर आने के कारण बच्चे ने यह कदम उठाया।
घटना का विवरण
क्लेमेनटाउन थानाध्यक्ष मोहन सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम वेलमेड अस्पताल से एक बच्चे की आत्महत्या की सूचना मिली थी। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी जुटाई। मृतक बच्चे का नाम सोयम था, जो मूल रूप से नागपुर, महाराष्ट्र का रहने वाला था और वर्तमान में क्लेमेनटाउन में रहता था। सोयम आर्मी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ता था।
मंगलवार को सोयम ने अपने कमरे में पर्दे की रॉड पर चुन्नी का फंदा लगाकर फांसी लगा ली। उस समय कमरे में कोई मौजूद नहीं था। बच्चे की मां जब घर पहुंचीं, तो उन्होंने बेटे को फंदे पर लटका देखा और तुरंत उसे नीचे उतारा। उसे वेलमेड अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार की स्थिति
मृतक के पिता आर्मी से सेवानिवृत्त हैं और करीब एक महीने से अपने गृहनगर नागपुर गए हुए हैं। घटना के समय बच्चे की मां घर पर थीं, जिन्हें इस हादसे से गहरा सदमा लगा है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच और संभावित कारण
थानाध्यक्ष मोहन सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चे ने परीक्षा में कम नंबर आने के कारण यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि, सुसाइड नोट में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है। पुलिस स्कूल प्रशासन और परिवार से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
सामाजिक चिंता: बच्चों पर पढ़ाई का दबाव
यह घटना बच्चों पर पढ़ाई के बढ़ते दबाव और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में बच्चों पर अकादमिक प्रदर्शन का दबाव गंभीर मानसिक तनाव पैदा कर सकता है। अभिभावकों और स्कूलों को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है।
जांच और जागरूकता की जरूरत
इस दुखद घटना ने समाज और प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की है और स्कूल के शिक्षकों व सहपाठियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि स्कूलों में काउंसलिंग सेवाएं शुरू की जाएं ताकि बच्चों को मानसिक तनाव से निपटने में मदद मिल सके। परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी ने सोयम की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।







