
ऋषिकेश: धर्मनगरी ऋषिकेश में मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले एक मेडिकल स्टोर पर बड़ी कार्रवाई हुई है। एम्स के निकट एक मेडिकल स्टोर, जिसका लाइसेंस पहले ही निरस्त हो चुका था, चोरी-छिपे दवाइयां बेचते हुए पकड़ा गया। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) योगेश मेहरा और तहसीलदार की छापेमारी में यह खुलासा हुआ, जिसके बाद स्टोर को सील कर दिया गया। इस दौरान संचालक की दबंगई और प्रशासनिक टीम के साथ बहस भी सरकारी कैमरे में रिकॉर्ड हुई।
छापेमारी में खुलासा: चोरी-छिपे दवाइयां बेच रहा था स्टोर
स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। शिकायत थी कि एम्स के पास एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद संचालक शटर बंद करके दवाइयां बेच रहा था। कर्मचारी बाहर बैठकर पर्चे लेते और अंदर से दवाइयां निकालकर चुपके से दे रहे थे। यह गतिविधि सरकारी कैमरे में कैद हो गई।
एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया, “हमें कई बार शिकायत मिली थी कि यह मेडिकल स्टोर अवैध रूप से चल रहा है। तहसील कर्मचारियों ने मौके पर जाकर पुष्टि की। छापेमारी में पाया गया कि दुकान में भारी मात्रा में दवाइयों का स्टॉक मौजूद था। ड्रग विभाग से संपर्क करने पर पता चला कि स्टोर का लाइसेंस कई बार सस्पेंड होने के बाद पूरी तरह निरस्त हो चुका है।”
संचालक की दबंगई और कार्रवाई
छापेमारी के दौरान जब संचालक से पूछताछ की गई, तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इसके बजाय, वह प्रशासनिक टीम के साथ बहस करने लगा और दबंगई दिखाने की कोशिश की, जो कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। एसडीएम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर को अग्रिम आदेशों तक सील कर दिया। साथ ही, ड्रग विभाग को रिपोर्ट भेजकर आगे की कार्रवाई के लिए कहा गया है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब इस मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इससे पहले भी उसी स्थान पर लाइसेंस उल्लंघन के लिए कार्रवाई हो चुकी थी, लेकिन संचालक अपनी गैरकानूनी गतिविधियों से बाज नहीं आया। इस बार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्टोर को सील कर दिया।
क्यों है यह मामला गंभीर?
- मरीजों की जान से खिलवाड़: लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद दवाइयां बेचना मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा है। अवैध दवाइयों की बिक्री से गलत दवा या नकली दवा मिलने का जोखिम रहता है।
- प्रशासन की सख्ती: यह कार्रवाई अवैध मेडिकल स्टोरों के खिलाफ प्रशासन के सख्त रवैये को दर्शाती है।
- स्थानीय शिकायतें: स्थानीय लोगों की सतर्कता ने इस मामले को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर
ऋषिकेश जैसे तीर्थ स्थल में, जहां हर दिन हजारों लोग एम्स जैसे अस्पतालों में इलाज के लिए आते हैं, अवैध मेडिकल स्टोरों का संचालन गंभीर अपराध है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य अवैध स्टोर संचालकों को भी चेतावनी मिली है। ड्रग विभाग और प्रशासन से उम्मीद है कि इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि मरीजों की जान सुरक्षित रहे।







