
लक्सर: हरिद्वार के लक्सर में 8 लाख 73 हजार रुपये की ठगी और यूपी से तमंचा तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है। ठगी के मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिन्होंने निवेश के नाम पर तीन युवकों को ठगा और धमकी दी। वहीं, गदरपुर में उत्तराखंड STF और थाना पुलिस ने 7 तमंचों के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया, जो यूपी से हथियार लाकर सप्लाई करने की फिराक में था।
ठगी का मामला: 8.73 लाख रुपये की धोखाधड़ी
लक्सर कोतवाली में डौसनी निवासी रवि कुमार ने तहरीर देकर बताया कि उनकी मुलाकात दोस्त ओम सिंह (ब्रह्मपुरी, सिडकुल, हरिद्वार) के जरिए शक्ति सिंह से हुई। ओम सिंह ने शक्ति को अपना सगा साला बताते हुए दावा किया कि उनकी ट्रेडिंग कंपनी में निवेश पर 15% मुनाफा मिलेगा।
- ठगी का तरीका: रवि कुमार, उनके साथी सुंदर कुमार (दाबकी कला), और संजय यादव (शिवालिक नगर, रानीपुर) ने भरोसा कर शक्ति सिंह के खाते में ऑनलाइन, चेक, और नकद के जरिए 8,73,000 रुपये जमा किए।
- धमकी: जब रवि ने रकम वापस मांगी, तो शक्ति सिंह, ओम सिंह, और उनके साथी मंजीत गौड़ ने गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।
- पुलिस कार्रवाई: कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, गाली-गलौज, और धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच जारी है।
तमंचा तस्करी: 7 हथियारों के साथ तस्कर गिरफ्तार
उत्तराखंड STF और गदरपुर थाना पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर नवाबगंज रोड, रतनपुरा (गदरपुर) पर चेकिंग अभियान चलाया। एक बाइक सवार व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा, जिसे कुछ दूरी पर पकड़ा गया।
- आरोपी: आजाद अली (32, गदरपुर), पुत्र अख्तर अली।
- बरामदगी: तलाशी में एक 315 बोर तमंचा और बाइक के बैग से 6 अतिरिक्त तमंचे बरामद।
- खुलासा: आजाद अली ने बताया कि वह तमंचे उत्तर प्रदेश से लाकर गदरपुर में सप्लाई करने वाला था।
- कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
सामाजिक और कानूनी प्रभाव
- ठगी का मामला: निवेश के नाम पर ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे लोगों का विश्वास डगमगा रहा है। पीड़ितों की शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
- तमंचा तस्करी: अवैध हथियारों की तस्करी अपराध को बढ़ावा देती है। STF की सक्रियता से क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत होगी।
- जागरूकता की जरूरत: लोगों को निवेश से पहले कंपनी की विश्वसनीयता जांचने और अवैध हथियारों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी जा रही है।







