
रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग में गुलदार का आतंक बढ़ता जा रहा है। शाम ढलते ही गुलदार शहर के विभिन्न इलाकों में घूम रहा है, पालतू जानवरों पर हमले कर रहा है, और सड़कों-गलियों में बेखौफ विचरण कर रहा है। सोमवार शाम पुनाड़-भाणाधार में गुलदार ने एक पालतू कुत्ते पर हमला किया, जिसे मालिक भास्कर कोठारी ने अपनी जान की परवाह किए बिना गुलदार से भिड़कर बचा लिया। कुत्ते को गहरे जख्मों के कारण 35 टांके लगे। गुलदार की गतिविधियां सीसीटीवी में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। स्थानीय लोग डरे हुए हैं और वन विभाग से गुलदार को पिंजरे में कैद करने की मांग कर रहे हैं।
वीरतापूर्ण बचाव: गुलदार से भिड़कर बचाया कुत्ता
सोमवार शाम करीब 6:30 बजे पुनाड़-भाणाधार निवासी भास्कर कोठारी के घर के आंगन में गुलदार ने उनके पालतू कुत्ते पर हमला किया। भास्कर ने बताया कि वे ऑफिस से 6 बजे घर पहुंचे थे। गुलदार के हमले के दौरान परिवार के सदस्य रोने लगे, लेकिन भास्कर ने अपनी जान की परवाह न करते हुए जोर-जोर से शोर मचाया और गुलदार से भिड़कर कुत्ते को उसके मुंह से छुड़ा लिया। इस दौरान कुत्ते को गहरे जख्म हो गए।
भास्कर ने कुत्ते को तुरंत पशु चिकित्सा केंद्र ले जाया, जहां LEO अजय सजवाण ने इलाज किया और कुत्ते को 35 टांके लगाए। भास्कर ने कहा, “चार साल से हम कुत्ते को परिवार के सदस्य की तरह देखते हैं। गुलदार ने जब उसे मुंह में लिया, तो सांसें थम गईं, लेकिन मैंने डरने की बजाय अपनी जान जोखिम में डालकर उसे बचा लिया।”
गुलदार का आतंक: शहर में डर का माहौल
रुद्रप्रयाग के नगर पालिका क्षेत्र में गुलदार लंबे समय से आतंक मचा रहा है। प्रमुख बिंदु:
- आवाजाही: गुलदार भाणाधार, पुनाड़, आर्मी बैंड, गुलाबराय, मल्या गांव, इंटर कॉलेज, अपर बाजार, और काला पहाड़ जैसे इलाकों में नियमित रूप से देखा जा रहा है।
- पालतू जानवरों पर हमले: गुलदार घरों के आसपास घूमकर कुत्तों और मवेशियों को निशाना बना रहा है।
- सीसीटीवी फुटेज: गुलदार की गतिविधियां सीसीटीवी में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
- बसुकेदार वीरों देवल: यहां गुलदार ने चंद्र सिंह रावत के एक साल के बछड़े को मार डाला।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गुलदार की मौजूदगी से जान का खतरा बना हुआ है। भास्कर कोठारी ने कहा, “शाम ढलते ही गुलदार घरों की दहलीज तक पहुंच रहा है। वन विभाग जल्द कार्रवाई करे।”
जनता की मांग: गुलदार को पिंजरे में कैद करें
निवासियों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- गुलदार को तुरंत पिंजरे में कैद करें।
- शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ाएं।
- पालतू जानवरों और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।
सामाजिक प्रभाव और चुनौतियां
गुलदार का आतंक रुद्रप्रयाग में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगल क्षेत्रों के पास बस्तियां और भोजन की तलाश में गुलदार का शहर में आना बढ़ रहा है। इससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में।
पिछले वर्षों में उत्तराखंड में गुलदार हमलों में वृद्धि हुई है। 2024 में वन विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में 150 से अधिक पालतू जानवर गुलदार का शिकार बने। निवासियों ने मांग की है कि वन विभाग ड्रोन, ट्रैप कैमरे, और पिंजरों का उपयोग कर गुलदार को पकड़े।





