
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून मेडिकल कॉलेज में 1,456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) के माध्यम से चयनित 109 समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के माध्यम से चयनित 1,347 सहायक अध्यापक (एलटी) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों से निष्ठा, पारदर्शिता, और समर्पण के साथ काम करने का आह्वान किया, साथ ही शिक्षा और प्रशासन में सुधारों पर जोर दिया।
नियुक्ति पत्र वितरण: प्रमुख बिंदु
- अभ्यर्थी: 109 समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (UKPSC) और 1,347 सहायक अध्यापक (एलटी) (UKSSSC)।
- स्थान: दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून।
- मुख्यमंत्री का संदेश: यह नियुक्ति न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। कार्मिक अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करें।
प्रशासन और शिक्षा में भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा:
- प्रशासन: समीक्षा अधिकारी शासन व्यवस्था के मस्तिष्क (सचिवालय) का हिस्सा हैं, जहां नीतियां बनती हैं और विकास परियोजनाओं का खाका तैयार होता है। उनकी भूमिका शासन को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण है।
- शिक्षा: शिक्षक बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव सिखाएं, ताकि वे अच्छे नागरिक बनें।
सरकार के प्रयास: पारदर्शी भर्ती और शिक्षा सुधार
मुख्यमंत्री ने पिछले चार वर्षों में 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्त करने की उपलब्धि पर प्रकाश डाला, जो पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में दोगुना से अधिक है। उन्होंने बताया:
- भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाया गया।
- हाल ही में हरिद्वार में नकल प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी को गिरफ्तार किया गया और SIT जांच शुरू की गई। युवाओं की मांग पर CBI जांच की सिफारिश और पेपर रद्द करने का निर्णय लिया गया।
- शिक्षा सुधार: विद्यालयों के बुनियादी ढांचे से लेकर डिजिटलाइजेशन तक, शिक्षा को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री का बयान
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा:
- शिक्षा विभाग में नियुक्तियां लगातार जारी रहेंगी। जल्द ही बीआरपी, सीआरपी, बेसिक अध्यापक, और चतुर्थ श्रेणी में नियुक्तियां होंगी।
- नवनियुक्त शिक्षकों को दुर्गम क्षेत्रों में अनिवार्य सेवा देनी होगी।
सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव
- रोजगार: पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं का विश्वास बढ़ा है, और हजारों को रोजगार मिला है।
- शिक्षा: शिक्षकों की नियुक्ति से विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी।
- प्रशासन: समीक्षा अधिकारियों की नियुक्ति से सचिवालय और नीति निर्माण में दक्षता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और धरनास्थल पर जाकर उनकी मांगें मानने का उल्लेख किया।
उपस्थित गणमान्य
बैठक में राज्यसभा सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक विनोद चमोली, सचिव रविनाथ रामन, दीपेंद्र चौधरी, और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।






