
ऋषिकेश: चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव ऋषिकेश में स्थित रामझूला पुल की मरम्मत का काम शुरू हो गया है।
लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) इस महत्वपूर्ण पुल को मजबूत बनाने के लिए करीब 11 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
वर्कशॉप में शुरू हुआ काम
पुल पर आवाजाही प्रभावित न हो, इसलिए फिलहाल मरम्मत से जुड़े कई काम वर्कशॉप में किए जा रहे हैं।
सस्पेंडर वायर और अन्य हिस्सों को तैयार कर बाद में पुल पर फिट किया जाएगा।
चारधाम और कुंभ से पहले लक्ष्य
लोनिवि का लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा और आगामी कुंभ मेले से पहले पुल के अधिकांश जरूरी काम पूरे कर लिए जाएं।
अंतिम चरण में ही पुल को अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा।
1985 में बना था पुल
220 मीटर लंबा यह झूला पुल वर्ष 1985 में बनाया गया था।
यह टिहरी के मुनिकीरेती क्षेत्र को पौड़ी के स्वर्गाश्रम से जोड़ता है और हर दिन हजारों लोग इसका उपयोग करते हैं।
बढ़ा दबाव, टूट चुकी थीं वायर
लक्ष्मणझूला बंद होने के बाद रामझूला पर दबाव काफी बढ़ गया था, जिससे इसकी तीन सस्पेंडर वायर टूट गई थीं।
इसके बाद दोपहिया वाहनों की आवाजाही भी बंद कर दी गई थी।
क्या होता है सस्पेंडर वायर का काम
पुल में हर दो मीटर पर लगी सस्पेंडर वायर कंपन को संतुलित करती हैं, जिससे पुल सुरक्षित रहता है।
रामझूला में कुल 440 सस्पेंडर वायर लगी हुई हैं।
मरम्मत के बाद दोपहिया फिर चलेंगे
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी।
अक्टूबर तक पूरा होगा काम
लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रवीन कर्णवाल के अनुसार, सितंबर-अक्टूबर तक मरम्मत कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का मानना है कि पुल की मरम्मत जरूरी थी, लेकिन काम इस तरह होना चाहिए कि यात्रा के दौरान आवाजाही प्रभावित न हो।







