
देहरादून / हरिद्वार: हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियों के बीच बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने ज्वालापुर स्थित 132 केवी सबस्टेशन की क्षमता बढ़ाने की योजना को मंजूरी दे दी है।
21.51 करोड़ की परियोजना को हरी झंडी
आयोग ने पिटकुल के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 80 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाने सहित 21.51 करोड़ रुपये की परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति दी है।
बढ़ती मांग से दबाव में सबस्टेशन
वर्तमान में ज्वालापुर सबस्टेशन पर 3×40 एमवीए ट्रांसफार्मर लगे हैं, जिन पर लगभग 373 एमवीए का कनेक्टेड लोड निर्भर है।
बीते वर्षों में बढ़ती बिजली मांग के कारण यह सिस्टम अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच चुका है।
100% से ज्यादा पहुंच चुका था लोड
जुलाई 2025 में ट्रांसफार्मर पर लोड 100 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया था, जिससे सिस्टम पर दबाव और बिजली आपूर्ति में जोखिम बढ़ गया था।
कुंभ मेले से और बढ़ेगी मांग
ज्वालापुर, बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र और हरिद्वार शहर की बिजली आपूर्ति इसी सबस्टेशन पर निर्भर है।
आगामी कुंभ मेले को देखते हुए बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
नई योजना से बढ़ेगी क्षमता
परियोजना के तहत—
- एक नया 80 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा
- एक पुराना 40 एमवीए ट्रांसफार्मर हटाया जाएगा
इससे सबस्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 200 एमवीए हो जाएगी।
2029 तक मांग 179 मेगावाट पहुंचने का अनुमान
आयोग के अनुसार, आने वाले वर्षों में बिजली की अधिकतम मांग 179 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जिसे देखते हुए यह परियोजना जरूरी मानी गई है।
पिटकुल को दिए गए निर्देश
आयोग ने पिटकुल को 30 दिन के भीतर विस्तृत योजना प्रस्तुत करने और हर तिमाही प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही परियोजना के लिए प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है।
फंडिंग पैटर्न
परियोजना की 70% राशि ऋण के रूप में और शेष 30% राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल कुंभ मेले के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि भविष्य की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा।






