
ऋषिकेश: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की ओर से “पहाड़ की नारी, देश की शक्ति” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान को विशेष रूप से सराहा गया।
एम्स सभागार में हुआ भव्य आयोजन
एम्स ऋषिकेश के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं उत्तराखंड की बेटियां
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की बेटियां आज हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं और समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि भारत में महिलाओं को हमेशा सम्मान मिला है और आज वे हर क्षेत्र में समान अधिकार के साथ आगे बढ़ रही हैं।
महिला आयोग का लक्ष्य—हर महिला तक न्याय
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि आयोग का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़ी महिलाओं तक न्याय और स्वरोजगार के अवसर पहुंचाना है।
सरकार की प्राथमिकता—महिला सशक्तीकरण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सशक्तीकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के योगदान को सम्मानित करना समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है।
12 महिलाओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 12 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
इनमें जया बलूनी, साक्षी सिंह, गीता चंदोला, तुलसी मेहरा, नेहा सिंह, दर्शनी देवी नेगी, रेखा रयाल, कमला नेगी, चंद्रिका पुंज, मुस्कान, रेखा राणा और डॉ. अर्पिता नेगी शामिल रहीं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इसे प्रेरणादायक पहल बताया और कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।







