
देहरादून: उत्तराखंड में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि राज्य में तीन नई रेल लाइनों को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 216 किलोमीटर और लागत 40,384 करोड़ रुपये है।
16 किमी लाइन चालू, 19 हजार करोड़ खर्च
रेल मंत्री के अनुसार, एक अप्रैल 2025 तक इन परियोजनाओं में से 16 किलोमीटर रेल लाइन चालू हो चुकी है और लगभग 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
देवबंद-रुड़की लाइन से दूरी होगी कम
देवबंद-रुड़की (27 किमी) रेल लाइन का काम पूरा हो गया है। इस लाइन के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून की दूरी करीब 40 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे यात्रा समय में भी कमी आएगी।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन सबसे अहम
सबसे महत्वपूर्ण परियोजना 125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन है, जो पहाड़ी जिलों को सीधे रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी।
इस परियोजना में 16 मुख्य सुरंगें (करीब 104 किमी) और 12 बचाव सुरंगें (करीब 98 किमी) शामिल हैं, जिनका अधिकांश कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
रेलवे बजट में बड़ा इजाफा
रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2009-14 के दौरान जहां उत्तराखंड में रेलवे पर औसतन 187 करोड़ रुपये सालाना खर्च होते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 4,641 करोड़ रुपये हो गया है। यह राज्य के लिए रेलवे क्षेत्र में बड़ा निवेश माना जा रहा है।
7 नए सर्वे और स्टेशन होंगे आधुनिक
राज्य में 2022 से 2026 के बीच 441 किमी के सात नए रेल सर्वे भी स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देहरादून, हरिद्वार समेत 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
पहाड़ों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
रेल मंत्रालय का मानना है कि इन परियोजनाओं से उत्तराखंड, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पर्यटन व विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।





