
हरिद्वार: हरिद्वार जिले में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की टीम ने 14 स्टोन क्रशरों पर छापा मारकर उन्हें सीज कर दिया है। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए करीब 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
सीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंची थी। उनके निर्देश पर निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में टीम ने हरिद्वार और लक्सर तहसील क्षेत्रों में छापेमारी की।
अवैध खनन और भंडारण का खुलासा
छापेमारी के दौरान कई क्रशरों में अवैध खनन और अवैध भंडारण की पुष्टि हुई। कुछ स्थानों पर खनन सीधे क्रशर परिसर में ही किया जा रहा था, जबकि कुछ जगह पास के क्षेत्रों में अवैध गतिविधियां चल रही थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि कई क्रशरों में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे, चारदीवारी टूटी हुई थी और हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) का अभाव था—जो पर्यावरणीय नियमों का सीधा उल्लंघन है।
ई-रवन्ना पोर्टल भी निलंबित
प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए संबंधित क्रशरों का ई-रवन्ना पोर्टल अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। साथ ही मौके पर पैमाइश कर सभी यूनिट्स को सीज कर दिया गया है।
इन क्षेत्रों के क्रशर आए कार्रवाई की जद में
लक्सर तहसील के फतवा, महतोली, मुजफ्फरपुर गुजरा, नेहन्दपुर और जवाहरखान (झीवरहेड़ी) क्षेत्रों के कई स्टोन क्रशर इस कार्रवाई में शामिल हैं। वहीं हरिद्वार तहसील के बाडीटीप क्षेत्र में स्थित क्रशरों पर भी कार्रवाई की गई है।
अवैध खनन पर सरकार का सख्त रुख
इस कार्रवाई को राज्य सरकार के अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।







