
देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बड़ा फैसला लिया है। इस बार बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन व्यवस्था के तहत सख्त नियम लागू किए जाएंगे, जिनमें मंदिर परिसर और गर्भगृह में मोबाइल, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
19 अप्रैल से यात्रा शुरू, लाखों ने कराया पंजीकरण
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा की शुरुआत होगी। 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
अब तक 6.18 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, जो इस बार भारी भीड़ का संकेत है।
मंदिर परिसर में 50–60 मीटर तक कैमरा प्रतिबंध
नई व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर के भीतर 50 से 60 मीटर के दायरे में फोटो और वीडियो बनाने पर रोक रहेगी। गर्भगृह में किसी भी श्रद्धालु—चाहे वह वीआईपी ही क्यों न हो—को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
समिति का कहना है कि पिछले वर्षों में श्रद्धालुओं द्वारा रील बनाने और वीडियो शूट करने से अन्य लोगों को दर्शन में बाधा आती थी, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
गैर सनातनियों के प्रवेश पर भी निर्णय
बीकेटीसी ने अपनी बैठक में धामों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का भी निर्णय लिया है। साथ ही यात्रा संचालन के लिए 121.07 करोड़ रुपये से अधिक का बजट भी पारित किया गया है।
पूजा शुल्क में 10% तक बढ़ोतरी
इस बार बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में विशेष पूजा शुल्क में करीब 10 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। बदरीनाथ में महाभिषेक पूजा, अभिषेक पूजा और अन्य विशेष अनुष्ठानों के शुल्क में बढ़ोतरी होगी, वहीं केदारनाथ में भी महाभिषेक और केदार अभिषेक पूजा महंगी हो जाएगी।
आसान और सुगम दर्शन पर फोकस
मंदिर समिति का कहना है कि इस बार यात्रा का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सरल और बिना बाधा के दर्शन कराना है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई SOP जल्द जारी की जाएगी।






