
ऋषिकेश: राजाजी टाइगर रिजर्व के मोतीचूर रेंज से एक दुखद खबर सामने आई है। पिछले दो महीनों से घायल चल रही 24 वर्षीय मादा हाथी ने रविवार को दम तोड़ दिया। वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी और उपचार में जुटी हुई थी, लेकिन आखिरकार उसे बचाया नहीं जा सका।
संघर्ष में घायल हुई थी हाथी
पार्क निदेशक कोको रोसे के अनुसार, करीब दो महीने पहले आपसी संघर्ष के दौरान यह मादा हाथी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इसके बाद वन विभाग की टीम द्वारा उसका इलाज किया जा रहा था और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
आबादी क्षेत्र में जाने से रोकने के प्रयास
घायल होने के कारण हाथी के व्यवहार में बदलाव की आशंका को देखते हुए वनकर्मियों की टीम विशेष सतर्कता बरत रही थी। यह सुनिश्चित किया जा रहा था कि वह आबादी वाले क्षेत्रों की ओर न बढ़े, जिससे किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार
रविवार को हाथी की मौत के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर ही पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव को सूखी नदी के पास दफन कर दिया गया।
इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर जंगलों में वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष और उनके संरक्षण की चुनौतियों को लेकर।







