
ऋषिकेश: ऋषिकेश के पौराणिक वीरभद्र मंदिर परिसर में उस समय लोगों में उत्सुकता और चर्चा का माहौल बन गया, जब मंदिर के पीछे चल रही खुदाई के दौरान जमीन से नक्काशीदार पत्थर और मूर्तियां निकल आईं। इन पत्थरों पर बनी आकृतियों और सुंदर कलाकारी को देखकर स्थानीय लोग इसे किसी प्राचीन मंदिर के अवशेष होने की संभावना से जोड़कर देख रहे हैं।
शुक्रवार को मंदिर के पीछे मैदान में स्थित पीपल के पेड़ के नीचे बने छोटे मंदिर के पास चबूतरा निर्माण का कार्य किया जा रहा था। निर्माण कार्य के तहत जेसीबी मशीन से खुदाई चल रही थी। इसी दौरान अचानक जमीन के भीतर से मूर्तियों और नक्काशीदार पत्थरों के टुकड़े निकलने लगे, जिन्हें देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए।
पत्थरों पर उकेरी गई आकृतियां और उनकी बारीक नक्काशी ने लोगों का ध्यान खींच लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी प्राचीन मंदिर होने की चर्चाएं होती रही हैं और अब खुदाई में मिले ये अवशेष उस ऐतिहासिक परंपरा की ओर इशारा कर सकते हैं।
प्राचीन इतिहास से जुड़े होने की संभावना
स्थानीय निवासियों का मानना है कि वीरभद्र मंदिर क्षेत्र का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व पहले से रहा है। ऐसे में खुदाई के दौरान मिले ये नक्काशीदार पत्थर किसी पुराने मंदिर संरचना का हिस्सा हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि यदि इन अवशेषों की सही तरीके से जांच की जाए तो क्षेत्र के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
क्षेत्र के निवासी महेश प्रसाद और दिनेश सिंह सहित कई लोगों ने प्रशासन और पुरातत्व विभाग से इन पत्थरों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विशेषज्ञों द्वारा जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि ये अवशेष किस काल के हैं और इनका ऐतिहासिक महत्व क्या है।
स्थानीय लोगों का यह भी मानना है कि यदि ये अवशेष वास्तव में किसी प्राचीन मंदिर से जुड़े पाए जाते हैं, तो इनके संरक्षण और सुरक्षित रखरखाव के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि क्षेत्र की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित किया जा सके।







