
देहरादून: उत्तराखंड में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर महसूस होने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 6 मार्च तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान सामान्य तापमान में 6 से 7 डिग्री तक बढ़ोतरी संभव है। लगातार तेज धूप और बारिश की कमी के कारण मैदानों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को दिन के समय गर्मी का एहसास होने लगा है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मौसम साफ रहने के कारण दिन के समय तेज धूप पड़ रही है। इसके चलते तापमान लगातार ऊपर जा रहा है। देहरादून समेत कई क्षेत्रों में मार्च की शुरुआत में ही सामान्य से अधिक गर्म दिन देखने को मिल रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार बीते रविवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री अधिक है। बीते दस वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो मार्च के शुरुआती दिनों में इतना अधिक तापमान बहुत कम बार दर्ज हुआ है।
पिछले दशक में मार्च के महीने में अधिकतम तापमान का सबसे बड़ा रिकॉर्ड 26 मार्च 2021 को 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो अब तक का सर्वाधिक तापमान माना जाता है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जारी रह सकती है। हालांकि 7 मार्च के आसपास पर्वतीय इलाकों में मौसम बदलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर पूर्वानुमान जारी कर रहा है।
आंकड़े और तथ्य
बीते दस वर्षों में मार्च महीने के दौरान दर्ज अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड इस प्रकार रहा है:
- 2025 — 26 मार्च — 29.0°C
- 2024 — 29 मार्च — 27.7°C
- 2023 — 21 मार्च — 29.8°C
- 2022 — 28 मार्च — 25.7°C
- 2021 — 26 मार्च — 31.8°C (रिकॉर्ड)
- 2020 — 13 मार्च — 29.2°C
- 2019 — 22 मार्च — 26.2°C
- 2018 — 23 मार्च — 29.5°C
- 2017 — 28 मार्च — 28.4°C
- 2016 — 20 मार्च — 28.5°C
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्च की शुरुआत में ही तेज धूप और बढ़ते तापमान से दिन के समय गर्मी महसूस होने लगी है। कई लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार गर्मी का असर मार्च की शुरुआत से ही ज्यादा दिखाई दे रहा है।
आगे क्या होगा
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जनवरी और फरवरी में सामान्य से कम बारिश होने के कारण भी तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो इस वर्ष मार्च का महीना गर्मी के नए रिकॉर्ड बना सकता है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 7 मार्च के आसपास पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में कुछ बदलाव संभव है, जिससे तापमान में हल्की राहत मिल सकती है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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