
ऋषिकेश / नरेंद्रनगर (टिहरी गढ़वाल): ऋषिकेश के पास स्थित प्रसिद्ध नीर झरना, जहां देश-विदेश से पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य देखने पहुंचते हैं, उसे सरकारी वेबसाइट पर प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल नहीं किया गया है। नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) टिहरी की आधिकारिक साइट पर नीर वाटरफॉल का नाम न होने से स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है। विरोध के बाद अब संबंधित विभाग अपनी इस चूक को सुधारने की बात कह रहा है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
एनआईसी टिहरी की वेबसाइट पर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में नई टिहरी, धनोल्टी, काणाताल, देवप्रयाग, नरेंद्रनगर और चंबा का उल्लेख है, लेकिन नीर वाटरफॉल का नाम दर्ज नहीं है।
नीर झरना ऋषिकेश से लगभग 10 किलोमीटर और बदरीनाथ हाईवे से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्राकृतिक झरने और हरियाली के बीच स्थित यह स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
क्यार्की क्षेत्र के ग्रामवासी लक्की रावत, शूरवीर रावत और विकास कैंतुरा ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि जब नीर झरना जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, तो उसका नाम वेबसाइट से गायब होना गलत है।
नीर झरना विकास समिति के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह ने बताया कि एनआईसी साइट पर नीर वाटरफॉल का नाम जोड़ा जाना चाहिए। इसके लिए जिला पर्यटन अधिकारी, प्रभारी एनआईसी टिहरी और एसडीएम नरेंद्रनगर को पत्र लिखकर मांग रखी जाएगी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
जिला पर्यटन अधिकारी टिहरी गढ़वाल सोबत सिंह राणा ने कहा कि एनआईसी साइट से नीर झरना का नाम न होने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर जल्द नाम जुड़वाने का प्रयास किया जाएगा।
आगे क्या होगा
स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि विभाग जल्द ही वेबसाइट में संशोधन कर नीर झरना को आधिकारिक पर्यटन सूची में शामिल करेगा। इससे क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
यदि आपके क्षेत्र में कोई घटना, समस्या या जानकारी हो तो हमें ईमेल या फोटो/वीडियो भेजें —
📩 rishikeshnews.com@gmail.com






