
ऋषिकेश: बाईपास मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। मंगलवार रात को कई हाथी योगनगरी रेलवे स्टेशन के नए रेल ट्रैक पर चढ़ गए, जिससे वन विभाग और आरपीएफ कर्मियों में हड़कंप मच गया। भूमि से कई फीट ऊंचाई पर बने इस ट्रैक पर हाथियों के चढ़ने से उनके चोटिल होने और रेल संचालन प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी। हालांकि, वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद हाथियों को सुरक्षित नीचे उतारकर जंगल की ओर खदेड़ दिया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
मंगलवार रात ऋषिकेश वन रेंज के अंतर्गत बाईपास मार्ग पर तीन हाथी, जिनमें शिशु हाथी भी शामिल थे, नए रेलवे ट्रैक पर चढ़ गए। इस दौरान किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था।
वन विभाग के रेस्क्यू प्रभारी कमल राजपूत ने बताया कि ट्रैक सड़क से काफी ऊंचाई पर है। ऐसे में हाथियों के फिसलकर गिरने या चोटिल होने का खतरा था। आरपीएफ को भी आशंका थी कि यदि हाथियों ने ट्रैक को नुकसान पहुंचाया तो रेल संचालन प्रभावित हो सकता है।
आबादी क्षेत्र में भी पहुंच रहे हाथी
बुधवार रात करीब 11 बजे दो हाथी और दो शिशु हाथी मनसा देवी वार्ड के आबादी क्षेत्र में घुस गए। स्थानीय लोगों ने जब हाथियों को घरों के पास देखा तो अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास शुरू किया। कई बार शिशुओं के साथ चल रहे हाथियों ने खतरा महसूस कर गश्ती दल की ओर दौड़ भी लगाई, लेकिन टीम ने सूझबूझ से स्थिति संभाली।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश रेंज गंभीर सिंह धमांदा ने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में गश्ती दल को अलर्ट पर रखा गया है। योगनगरी रेलवे ट्रैक के पास विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि हाथियों को वहां पहुंचने से रोका जा सके।
रेस्क्यू टीम ने हवाई फायरिंग कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। सुबह करीब पांच बजे अभियान समाप्त हुआ।
जरा सी चूक से हो सकता था बड़ा हादसा
वन विभाग के अनुसार, यदि समय रहते हाथियों को ट्रैक से नहीं हटाया जाता तो वे गिरकर घायल हो सकते थे या रेल संचालन पर असर पड़ सकता था। इससे यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती थी।
वन विभाग और आरपीएफ के संयुक्त प्रयास से स्थिति को नियंत्रित किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास और आबादी क्षेत्र में हाथियों की बढ़ती आवाजाही चिंता का विषय है। उन्होंने वन विभाग से नियमित गश्त और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है।
आगे क्या होगा
वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और रात्रि गश्त जारी रखने का निर्णय लिया है। रेलवे ट्रैक के आसपास भी विशेष सतर्कता बरती जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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