
रानीपोखरी: रानीपोखरी में राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण की जद में आए करीब 100 वर्ष पुराने पीपल के वृक्ष को कटने से बचाने के लिए एक अधिवक्ता पेड़ से चिपक गए। कुछ देर बाद वह उसी पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर धरने पर बैठ गए। विरोध बढ़ने पर वन विभाग की टीम ने फिलहाल पेड़ काटने की कार्रवाई रोक दी है। हालांकि संबंधित वन रेंज को लेकर विभागीय अधिकारियों के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
रानीपोखरी क्षेत्र के अधिवक्ता और समाजसेवी लक्ष्मी प्रसाद बहुगुणा ने बताया कि स्वर्गीय शाह इंटर कॉलेज के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित यह पीपल का वृक्ष करीब 100 साल पुराना है। इसके नीचे चबूतरा बना हुआ है और स्थानीय लोगों की आस्था इससे जुड़ी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार को बड़ी शाखाएं काटी जा रही थीं और पेड़ को जड़ से हटाने की तैयारी थी। मौके पर मौजूद कर्मियों ने बताया कि पेड़ हाईवे चौड़ीकरण की जद में आ रहा है और ऊपर से आदेश प्राप्त हैं।
उल्लेखनीय है कि भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग को फोरलेन बनाने की योजना के तहत बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान का प्रस्ताव है। इस संबंध में एक जनहित याचिका न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि सिविल भूमि पर पेड़ कटान का कार्य शुरू हो चुका है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
विरोध के बाद वन विभाग की टीम ने पेड़ काटने की कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी है।
रेंजर बड़कोट वन रेंज धीरज रावत ने कहा कि मामला थानो वन रेंज से जुड़ा है। वहीं थानो रेंज के रेंजर एनएल डोभाल ने इसे बड़कोट वन रेंज का मामला बताया। दोनों रेंज अधिकारियों के बयानों से जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आ सकी है।
वृक्ष प्रत्यारोपण पर सवाल
अधिवक्ता बहुगुणा का कहना है कि पेड़ को काटने के बजाय प्रत्यारोपित किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि विदेशों में बड़े वृक्षों को आधुनिक तकनीक से स्थानांतरित किया जाता है, जबकि यहां अधिकतर मामलों में जड़ से काट दिया जाता है।
स्थानीय लोगों ने भी मांग की है कि यदि संभव हो तो इस ऐतिहासिक और आस्था से जुड़े वृक्ष को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पीपल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन पुराने और जीवित वृक्षों को बचाने के विकल्प तलाशे जाने चाहिए।
आगे क्या होगा
वन विभाग की ओर से अभी अंतिम निर्णय स्पष्ट नहीं किया गया है। फिलहाल कटान कार्य रोका गया है। आगे संबंधित रेंज स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही कार्रवाई की दिशा तय होगी।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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